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अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आंदोलन कर आजादी का मार्ग प्रशस्त किये थे जुब्बा सहनी: डॉ सहनी

सामाजिक विकास के लिए हर व्यक्ति की सहभागिता जरुरी: डॉ कुलदेव

#MNN@24X7 दरभंगा, निषाद परिवार सर्विसमैन बिहार की ओर से अमर शहीद जुब्बा सहनी के 79वीं शहादत दिवस मनाई गई। सर्वप्रथम जुब्बा सहनी के चित्रों पर माल्यार्पण कर लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित और नमन किया। बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व चेयरमैन डॉ भगवान लाल सहनी ने जुब्बा साहनी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में जुब्बा साहनी नें 16 अगस्त 1942 को मीनापुर थाना के अंग्रेज दरोगा लुइस वालर को थाना के अंदर मिट्टी तेल छिड़ककर जला दिया और आजादी का मार्ग प्रशस्त किया।इसी आरोप में उन्हें 11 मार्च 1944 को भागलपुर सेंट्रल जेल में फांसी हो गई थी। अन्याय एवं अत्याचार के विरुद्ध लड़ाई लड़े और देश को गुलानी से बचाने के लिए शहीद हो गए।

वहीं विशिष्ट अतिथि प्रखंड विकास पदाधिकारी अलख निरंजन ने कहा कि जुब्बा साहनी ने सपना देखा था की आजादी के बाद हमारे समाज के आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक संसाधनों पर हिस्सेदारी, शासन प्रशासन में हिस्सेदारी मिलेगी। लेकिन आज भी उनका सपना अधूरा है।

झारखंड से आये विशिष्ट अतिथि के रूप में महर्षि वेद व्यास परिषद विद्वत प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सह चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कुलदेव चौधरी ने कहा कि देश में अनेकों वीर जवानों ने आजादी दिलाने एवं देश की तरक्की के लिए कुर्बानी दी है। जिसमें प्रमुखता से निषाद समाज के आन बान और शान अमर शहीद जुब्बा सहनी का नाम इतिहास के पन्ने में दर्ज है। जो हमारे निषाद समाज लिए गर्व की बात और इनके द्वारा किये गए साहसी कर्तव्यों को अपने जीवन शैली में अनुपालन करने करने की जरूरत है। क्योंकि इन्होनें समाज और देश के लिए अपना जान तक न्योछावर कर दिया। समाज को एक मुकाम तक पहुंचाने में हर व्यक्ति की सहभागिता जरूरी है, तभी हम बेहतर भविष्य की कल्पना कर सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अर्जुन सहनी एवं डॉ दिलीप कुमार सहनी ने संयुक्त रूप से किया। साथ ही मंच संचालन विनोद कृष्णा स्वामी ने किया।

मौके पर हनुमान नगर जिला पार्षद बब्लू सहनी, एनआईटी पटना के प्रोफेसर डॉ अनिल सहनी, सीए डॉ गोपाल शंकर सहनी, डॉ संतोष कुमार, डॉ अभिरंजन कुमार, डॉ शशि भूषण सहनी, डॉ ब्रह्मानंद सहनी, सहायक शिक्षिका रेखा कुमारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी विष्णुदेव मंडल, बिंदा सहनी, राजेन्द्र सहनी, सन्त कुमार सहनी, सीआरपीएफ श्यामनारायण सहनी, बैंक मैनेजर जिवछ सहनी, रेलवे कर्मचारी कपिल कुमार सहनी, नरेश सहनी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।