#MNN@24X7 दरभंगा, 28 अगस्त दरभंगा, समाहरणालय अवस्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर सभागार में जिलाधिकारी दरभंगा राजीव रौशन की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं आपदा को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
  
बैठक में बताया गया कि विगत वर्ष की तुलना में अभी तक 20 प्रतिशत कम वर्षापात हुआ है, कमला, बलान एवं कोसी की धारा में झंझारपुर और जयनगर में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन दरभंगा में अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है।
  
कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि खरीफ फसल का
अच्छादन लगभग 98 प्रतिशत हुआ है,अभी भी धनरोपनी जारी है। जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत अच्छादन करवाने के निर्देश दिए।
  
पटवन को लेकर बिजली विभाग को सुबह 5:00 बजे से संध्या 7:00 बजे तक आबाध रूप से ग्रामीण क्षेत्र के कृषि फीडर में विद्युत आपूर्ति करने के निर्देश दिए, साथ ही डीजल अनुदान के सारे आवेदन का यथाशीघ्र निष्पादन करने के निर्देश दिए।
  
अंचलाधिकारी किरतपुर, गौड़ाबौराम, घनश्यामपुर, कुशेश्वरस्थान पूर्वी एवं तारडीह द्वारा बताया गया कि उनके अंचल के कुछ पंचायत के कुछ टोलें, जो बांध की पेटी में है, जल प्रभावित हैं, वहाँ नाव की व्यवस्था की गई है,रसियारी उच्च विद्यालय में लोग शरण लिए हैं।

जिलाधिकारी ने वैसे स्थल जहाँ लोग शरण लिए हुए हैं, वहां तत्काल सामुदायिक किचन चलाने के निर्देश दिए। साथ ही वहाँ परिवार के मुखिया का आधार से पंजीकरण कराने तथा जब जब उन्हें भोजन कराया जाए,उनसे पंजी पर सदस्यों की संख्या अंकित करते हुए भोजन प्राप्ति पंजी पर हस्ताक्षर करवाने के निर्देश दिए गए।
  
बताया गया कि सौसा जमालपुर में भी एक बाढ़ आश्रय स्थल पर कुछ लोग शरण लिए हुए हैं। गौड़ाबौराम के गौरा मानसिंह के दो वार्ड प्रभावित बताया गया, जहां पॉलीथिन शीट का वितरण कराया गया है। घनश्यामपुर के 06 टोले प्रभावित बताए गए हैं, कुशेश्वरस्थान पूर्वी के अंचलाधिकारी ने बताया कि अंचल में कुल 32 नाव चलवाए जा रहे हैं।
   
जिलाधिकारी ने कहा कि वैसे स्थल जहाँ लोग शरण लिए हुए हैं, वहाँ सामुदायिक किचन, चिकित्सा शिविर, पशु चिकित्सा शिविर लगाया जाए तथा सभी लोगों का स्वास्थ्य जाँच कराई जाए, जिला पशुपालन पदाधिकारी पशुओं की स्वास्थ्य की जाँच करें।

उन्होंने कहा कि सामुदायिक किचन में ताजा एवं स्वच्छ भोजन दिया जाए, वहाँ शौचालय साफ हो, जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अस्थाई शौचालय का निर्माण करवाया जाए।
  
तारडीह में भी कुछ परिवार पानी से गिरे बताए गए, बताया गया की अधवारा समूह एवं खिरोई नदी का जलस्तर अभी बहुत नीचे है।
    
नाव परिचालन के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए की 18 वर्ष से कम उम्र के नाविक नाव नहीं चलाऐंगे। यह सुनिश्चित किया जाए कि नाव पर ओवरलोड न हो, सूर्यास्त के बाद नाव नहीं चलाई जाए, भीड़-भार वाले घाट पर चौकीदार की प्रतिनियुक्ति की जाए।

सड़कों में पड़ने वाले पुलिया के भेंट की सफाई को लेकर बताया कि सभी ग्रामीण कार्य विभाग/पथ निर्माण विभाग द्वारा अपने-अपने पथों के भेंट की सफाई कराई गई है, केवल ग्रामीण कार्य विभाग दरभंगा-1 के द्वारा 40 भेंट की सफाई अवशेष है।

जिलाधिकारी ने उक्त कार्यपालक अभियंता सहित ग्रामीण कार्य विभाग दरभंगा-1 के सभी अभियंता एवं उनके स्थापना के सभी कर्मियों के वेतन निकासी पर भेंट की सफाई होने तक रोक लगा दी है।
  
जिला आपदा प्रबंधन प्रभारी आलोक राज ने बताया कि आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर 07 लाख 83 हजार 370 लोगों के आधार का अद्यतीकरण किया गया है, सभी राहत शिविर का सत्यापन कराया गया है।
  
उन्होंने कहा कि तटबंधों की सुरक्षा के मद्देनजर बालू भरे बैग रखने के निर्देश के सत्यापन के संबंध में बताया गया कि कई अंचलों में अभी भी बैग नहीं रखा गया है। कई अंचलाधिकारी ने बालू के स्थान पर मिट्टी भारे बैग होने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता को संयुक्त निरीक्षण कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
  
बाढ़ के दौरान पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित तैराक की उपलब्धता के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत सभी बाढ़ प्रभावित अंचलों के संबंधित पंचायत से 18 से 35 वर्ष के तैराक का प्रशिक्षण दिलवाने हेतु सभी अंचलाधिकारी से सूची की माँग की गई।
   
यूनिसेफ के प्रतिनिधि ने बताया कि प्रशिक्षणार्थी को 400 रुपये प्रतिदिन मानदेय, तैराकी संबंधित आवश्यक सामग्री एवं प्रमाण पत्र विभाग द्वारा प्रदान किया जायेगा।
   
बैठक में उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, उप निदेशक सांख्यिकी पदाधिकारी शंभू प्रसाद एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।