प्रीति के आत्महत्या पर विवेक को फांसी और थाना प्रभारी को बर्खास्त करने का किया मांग – महिला विकाश मंच।

#MNN@24X7 दरभंगा महिला विकाश मंच के प्रियंका झा के नेतृत्व में शुक्रवार को उफरदहा की प्रीति कुमारी के आत्महत्या करने के विरोध में आंदोलन का शुरुवात कर दिया गया हैं। सैकड़ों की संख्या में उफरदहा से लोग आकर इस आंदोलन में सहभागिता देने का काम किया। जिसमे काफी तादाद में महिलाये शामिल थी आंदोलन को मिथिला स्टूडेंट यूनियन का भी समर्थन मिला एमएसयू के छात्र नेता अमन सक्सेना इस आंदोलन का अगुवाई करते हुए नजर आये।

इस बाबत वक्ताओ ने कहा 15 दिसंबर की रात को प्रीति कुमारी ने प्रेम प्रसंग के मामले में न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या करके अपनी जान गवां दिया हैं बताते चले की उफरदहा गांव का ही विवेक कुमार जिससे प्रीति का 2 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था शादी का प्रलोभन देकर विवेक ने प्रीति से कई बार बलात्कार किया।

12 तारीख को लड़की के घर पर लड़का के पकड़े जाने पर गांव वाले और पुलिस के समक्ष शादी करने का बात कहा गया जब शादी की बात शुरू हुआ तो पीड़िता को लड़का ने मानसिक कष्ट देना शुरू कर दिया गाली गलौज मारपीट करना शुरू कर दिया 15 लाख रुपया दहेज़ में माँगा जाने लगा जिससे तंग आकर बहेड़ा थाना को लड़की के द्वारा शिकायत किया गया जिसपर किसी तरह का कारवाई होता ना देख प्रीति ने सुसाइड पत्र लिखकर अपनी आत्महत्या कर लिया जिसके बाद बहेड़ा थाना के द्वारा लड़का और उसके परिवार को संरक्षण देने का काम शुरू कर दिया गया। लड़का का परिवार दबंग और पूँजीपति वाले लोग हैं जिस कारण जिस लड़का को अब तक गिरफ्तार होना चाहिए था वो अब तक फरार चल रहा हैं जिसमे बहेड़ा थाना का संलिप्ता हैं घटना के 15 दिन होने बाबजूद अब तक दोषी पर किसी तरह का कारवाई नहीं किया गया जिससे तंग आकर शुक्रवार को प्रतिकार मार्च निकालकर दरभंगा डीएम से न्याय का आग्रह किया गया।

मांग पत्र में पीड़िता को न्याय के लिए दोषी विवेक को फांसी का मांग किया गया अविलम्ब बहेड़ा थाना प्रभारी बीके ब्रजेश का स्थानांतरण का मांग किया गया हैं दरभंगा डीएम ने पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए मामले में कारवाई के लिए एसएसपी को पत्राचार करने का काम किया थाना प्रभारी पर कारवाई के लिए स्पष्टता माँगा गया और दोषी को गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया जिसके बाद आंदोलन को समाप्त करते हुए मांग पूरा नहीं होने पर और भी उग्र आंदोलन की चेतवानी देने देने का काम किया।

आंदोलन दिन के 12 बजे से कर्पूरी चौक से पैदल प्रतिकार मार्च करते हुए नारेबाजी करने का काम किया जिसमे पीड़िता को न्याय दो दोषी को फांसी दो बहेड़ा थाना प्रभारी इस्तीफा दो जैसे मांग शामिल थे डीएम कार्यालय के पास मार्च सभा में तब्दील हो गया जिसके बाद 5 सदस्य दल डीएम से मिलकर अपनी बातो को रखने का काम किया जिसपर सकारात्मक पहल होता देख आंदोलन समाप्त की घोषणा की गयी कहा मांग पूरा नहीं होने पर आगे आंदोलन को उग्र रूप दिया जायेगा जिसकी जवाबदेही पुलिस प्रशासन की होगी।

इस प्रतिकार मार्च में सचिन कुमार प्रिया जयसवाल शिव शंकर चौधरी संजय लाल देव सुधीर लालदेव मनोज लालदेव कृष्ण कुमार संत कुमार सोहन कुमार मुकेश कुमार प्रिंस कुमार अरुण लालदेव शिव कुमार लालदेव राधेश्याम मीणा देवी कंचन देवी केली देवी सतना कुमारी ललिता देवी शिवो देवी कविता देवी विधा देवी पार्वती देवी रानी देवी समेत कई अन्य लोग उपस्थित रहे।