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दरभंगा में कभी भी घट सकता है मोरबी-गुजरात जैसा हादसा।

●जर्जर यदु पिपरा पुल से माघ मास में मधुबनी, सीतामढ़ी से लेकर नेपाल तक के लाखों कांवरियों का काफिला इस पुल से होकर गुजरता है।

#MNN@24X7 दरभंगा – दरभंगा जिला के बहेड़ी प्रखंड के सुरहाचट्टी-हथौड़ी घाट मुख्य मार्ग में यदु पिपरा स्थित जर्जर पुल पर कभी भी घट सकता है गुजरात के मोरबी जैसा दर्दनाक हादसा। इस सड़क की प्रासंगिकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह अंतरजिला सड़क भी है जो दरभंगा जिला को समस्तीपुर जिला से हथौड़ी घाट में जाकर जोड़ती है।

इस सड़क मार्ग से समस्तीपुर-बेगूसराय की दूरी सबसे कम है जिस कारण से हजारों वाहन प्रतिदिन इस सड़क होकर गुजरती है। माघ मास में वसंत पंचमी के अवसर पर बाबा धाम में जल चढ़ाने को लेकर पैदल व गाड़ी से मधुबनी, सीतामढ़ी से लेकर नेपाल तक के लाखों कांवरियों का काफिला इस पुल से होकर गुजरता है।

जबकि आलम यह है कि अगर इस पुल से एक बाइक भी गुजरती है तो पुल में कंपन महसूस होता है जिससे सफर करनेवाले सदैव डरे रहते हैं कि कब यह पुल गिर जाय और यहां एक बड़ा हादसा हो जाय। आसपास के ग्रामीण कहते हैं कि नेता सिर्फ यहां वोट के लिये आते हैं। वोट बाद फिर अगले ही वोट में दर्शन देते हैं।

हमलोगों की मुख्य मांग में से एक यह जर्जर पुल है जिसकी वर्षों से मांग है कि इस लोहे के जर्जर पुल के जगह पर पक्की पुल बन जाय। पूरे बिहार में जगह-जगह पुल बन गया लेकिन आजतक इस पुल पर किसी की नजर नहीं गयी जबकि हजारों वाहन डर के साये के बीच इस जगह से प्रतिदिन गुजरते हैं। किसी भी वक्त यहां बड़ा दर्दनाक हादसा हो सकता है। फिर क्या होगा सिर्फ सत्ता व विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होगा। एक-दूसरे पर आरोप मढ़ेंगे। घायलों व मृतकों को मुआवजा देने का दौर शुरू होगा लेकिन अगर किसी की भी इसमें जान जाती है तो क्या उसका जान लौट सकता है।

ज्ञात हो कि नये परिसीमन में यह क्षेत्र समस्तीपुर लोकसभा जबकि हायाघाट विधानसभा के अंतर्गत आता है जहां से लोजपा के स्व० रामचंद्र पासवान के पुत्र प्रिंस राज सांसद हैं वो भाजपा के डॉ० रामचंद्र प्रसाद विधायक हैं। जिन से इस क्षेत्र के लोगों की काफी अपेक्षाएं हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस जर्जर पुल के वर्तमान दशा को देखते हुए हमलोगों का जिला प्रशासन दरभंगा, समस्तीपुर सांसद प्रिंस राज व हायाघाट विधायक डॉ० रामचंद्र प्रसाद से अपील है कि इस जर्जर पुल पर संज्ञान लें और सरकार तक इसका रिपोर्ट बनाकर भेजें ताकि इस पुल का नये व आधुनिक ढ़ंग से निर्माण संग कायाकल्प हो सके।