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#MNN@24X7 बहादुरपुर, जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बुधवार को बहादुरपुर प्रखंड के विभिन्न इलाकों में पदयात्रा कर लोगों को वोट की ताकत का एहसास दिलाया। प्रशांत किशोर ने कहा कि आपके घर के जवान बच्चे 15-15 साल से घर-परिवार छोड़कर दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी कर रहे हैं। छठ, ईद, दिवाली, होली जैसे त्योहारों में 10 दिनों के लिए घर आते हैं, उसके बाद साल भर आप उसका मुंह तक नहीं देखते। 15 साल से आपका जवान बच्चा, आपके पति 6-8 हजार रुपए के लिए दूसरे राज्यों में नर्क जैसी स्थिति में रहकर काम करते हैं। बावजूद उसके उनका कष्ट देखकर आपका दिल ही नहीं पसीजा, तो मेरे 15 महीनों तक पैदल चलने से आप सुधरने वाले हैं! इसलिए मैं ये पदयात्रा कर रहा हूं, पैदल-पैदल गांव-गांव में जाकर लोगों को एक ही बात बता रहा हूं। अभी से भी जगिए, अपने लिए नहीं, तो कम से कम अपने बच्चों के लिए जगिए। वोट शिक्षा व रोजगार के लिए दीजिए। बावजूद इसके न सुधरे, नाली, गली, जाति-धर्म के नाम पर वोट करते रहिएगा तो एक प्रशांत किशोर आएं या 10 प्रशांत किशोर, जिस गरीबी बदहाली में आपकी जिंदगी बीती है, उसी गरीबी बदहाली में आपके बच्चों को भी जीना पड़ेगा।

प्रशांत किशोर ने 9.3 किलोमीटर तक की पदयात्रा।

प्रशांत किशोर ने बुधवार को बहादुरपुर प्रखंड में कुल 9.3 किलोमीटर तक पदयात्रा की। इस दौरान वे 4 पंचायतों के 12 गांवों में गए। जिसमें बाजिदपुर पंचायत के असगांव, अब्दुल्लापुर, गंगापति, सलाहा, मधुबन पोखर भिंडा, सेंदुअर गोपाल, हरपट्टी, पुरखोपट्टी, प्रेमजीवार, बांकीपुर, बेदीपट्टी सकरी तक गए।