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जयंती पर डॉ0 मोहन मिश्रा के नाम पर भीआईपी रोड के नामकरण की उठी मांग।

दरभंगा: चिकित्सा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिथिला के प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले पद्मश्री डॉ० मोहन मिश्रा के जयंती पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन बंगाली टोला स्थित उनके पैतृक आवास की गई। इस दौरान उनके छाया चित्र पर माल्यार्पण उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। साथ ही इस मौके पर सबने एकमत होकर मिथिला केमहान विभूति डॉ मोहन मिश्रा के नाम पर शहर के भीआईपी रोड का नामकरण करने की मांग उठायी। स्थानीय वार्ड पार्षद ने लिखित रूप से नगर निगम में इसकी मांग रखने का भी वादा किया।

इस अवसर उनके पुत्र शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ उदभट मिश्रा ने अपने पिता से जुड़ी यादों, उनके विचार एवं कृतत्व को साझा किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता उनके सबसे प्रेरणास्रोत थे। मुश्किल से मुश्किल घड़ी में भी उनके पिता हौसला बनकर खड़े रहते थे। उन्होंने चिकित्सा को सदैव जनसेवा का पर्याय माना।

इस दौरान ऑल बिहार ब्राह्मण फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष उदय शंकर चौधरी ने कहा कि डॉक्टर मिश्रा मिथिलावासियों के लिए सिर्फ डॉक्टर ही नहीं, बल्कि भगवान तुल्य थे। उन्होंने कालाजार के उपचार सहित भारत में पारंपरिक रूप से जड़ी बूटी के रूप में उपयोग किए जाने वाले ब्रह्मी पुष्प के पौधे से डिमेंशिया जैसे लाईलाज रोग का उपचार उन्होंने दिया, इसीलिए उन्हें डॉक्टर ही नहीं महानायक कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी, आगे श्री चौधरी ने कहा कि श्री मिश्रा अपने इस असाधारण कृति के लिए सदैव जनमानस में जीवंत रहेंगे। साथ ही उनके कृति को जीवंत बनाये रखने केलिए स्मृति चिन्ह के रूप में उनके नाम पर शहर के भीआईपी रोड का नामकरण डॉ मोहन मिश्रा के नाम पर करने की मांग की।

वहीं ऑल बिहार ब्राह्मण फेडरेशन के जिलाध्यक्ष डॉ० प्रभाकर झा ने कहा कि आम जनता की सेवा के लिए आजीवन तत्पर रहने वाले किफायती चिकित्सक, एवं अपनी मधुर वाणी और आत्मीय संवाद से मरीजों में जान फूंकने वाले एक जुग पुरुष के रूप में मिथिला उन्हें सदैव याद करता रहेगा।
वहीं आईएमए दरभंगा जिला सचिव आमोद झा ने डॉ० मिश्रा के नाम पर डीएमसीएच परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा एवं श्री मिश्रा के नाम पर पुरुस्कार के शुरुआत की मांग रखी।

प्रसिद्ध मैथिली कलाकार विकास झा ने कहा कि वे लोग बचपन से घर परिवार में किसी डॉक्टर का नाम सुनते थे, तो वे थे डॉ मोहन मिश्रा। डॉ मोहन मिश्रा के शोध को देश विदेश मेडिकल के छात्र पढ़ते हैं।

इस अवसर पर मित्रनाथ झा, उदय शंकर मिश्र, प्रदीप कुमार ठाकुर, नर्रोत्तम मिश्रा, बालेंदु झा, शिवकिशोर राय, उज्ज्वल कुमार, हिमांशु शेखर, राकेश मिश्रा, अशोक खट्टीक, डॉ० एके मिश्रा, डॉ० आमोद झा, इकबाल हसन, देव कुमार झा, सुरेंद्र चौधरी, राजीव कुमार, चंदन ठाकुर, कुमार मदन मोहन, बलजीत सिंह, डॉ० बरकतुल्ला अंसारी, कामिनी झा, देवेंद्र झा, मनोज डोकानिया, पिनाकी शंकर, पंकज झा, अजीत मिश्रा, परेश मिश्र, विक्रम झा, रॉकी झा, डॉ कुमार मदन मोहन, अभिषेक झा, प्रभाकर ठाकुर, चंदन ठाकुर आदि सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।