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#MNN@24X7 दरभंगा। राजकीय महारानी रमेश्वरी भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान, मोहनपुर, दरभंगा के प्राचार्य प्रो. दिनेश्वर प्रसाद ने बताया कि 20 नवंबर को विश्व पाइल्स दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष संस्थान के कामेश्वर सिंह आयुर्वेदिक चिकित्सालय, कामेश्वर नगर एवं मोहनपुर परिसर में पाइल्स की जांच 14 नवंबर से 19 नवंबर तक की जाएगी। जांच के आधार पर इसकी चिकित्सा औषधि प्रयोग, शस्त्र से काटना , क्षार एवं अग्निकर्म से जलाने के साथ- साथ जलौकोपचार से किया जाएगा।

बाबासीर के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा की गुदा की सिरायें फूल जाती है और उस सूजन को बाबासीर कहते हैं। यह रोग रोगी व्यक्ति को शत्रु की तरह सताता है, उसे पीड़ा पहुंचाता है इसलिए अर्श कहते हैं। कब्ज का निरंतर बना रहना अर्श का एक विशेष कारण है। एक स्थान पर अधिक समय तक बैठे रहना या आलस्यवश कोई श्रम न करना भी अर्श का कारण होता है। शीतल आसन पर बैठना, मुलायम गद्दा, सगर्भता आदि भी अर्श उत्पन्न करने में कारण है। आज के वर्तमान समय में मसालेदार एवं मैदा युक्त आहार का अधिक प्रचलन बढ़ा है। जिसके कारण अर्श रोग में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है।

कामेश्वर सिंह आयुर्वेदिक चिकित्सालय, कामेश्वर नगर में बबासीर एवं भगंदर के रोगी जांच परामर्श एवं इलाज के लिए डॉ मनीष कुमार आलोक एवं मोहनपुर कैंपस में डॉ दिनेश कुमार से सम्पर्क कर सकते हैं। जांच के उपरांत इन रोगियों के चिकित्सा क्षार सूत्र एवं जलौकोपचार आदि आयुर्वेदिक विधि के द्वारा किया जाएगा। इलाज के पूर्व रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। कॉलेज के साथ- साथ हिमालय एवं डाबर कंपनी के द्वारा निशुल्क दवाइयां वितरित की जाएगी। विशेष जानकारी हेतु मोबाइल नंबर- 9412 90 3452, 06272258660, 8544518660 एवं 291031 पर संपर्क कर सकते हैं।