Breaking News


दरभंगा। हिंदी साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 142वीं जयंती रविवार को सीएम साइंस कॉलेज में मनाई गई। मौके पर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो दिलीप कुमार चौधरी ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व की विस्तार से चर्चा करते कहा कि कलम के जादूगर मुंशी प्रेमचंद ने अपनी लेखनी से आमलोगों के अंतर्मन को छूने, उनकी समस्याओं को मार्मिक रूप में चित्रित करने व समाज में प्रेम व भाईचारा स्थापित कराया। गरीबों एवं शोषितों के दर्द व उनके मन के मर्म को उन्होंने अपने उपन्यास की पंक्तियों में बखूबी पिरोया।

उन्होंने हिंदी उपन्यास को खास तबके की हिंदी से निकालकर आमलोगों की बोलचाल वाली भाषा बनाई, जो आज भी युवाओं को मानवता व राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाने में कारगर हैं। उन्होंने प्रेमचंद के व्यक्तित्व व कृतित्व से प्रेरणा लेने की बात कही।

इससे पहले मुंशी प्रेमचंद की तस्वीर पर माल्यार्पण कर शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। अन्य वक्ताओं ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद का सृजन और उनका चिंतन आज भी नयी पीढ़ी के लेखकों व संस्कृतिकर्मियों को प्रेरित करता है। इसलिए वे एक ऐसे युगद्रष्टा लेखक थे, जो आज भी प्रासंगिक है।

इस अवसर पर हिंदी विभागाध्यक्ष डा दिनेश प्रसाद साह, मैथिली विभागाध्यक्ष डा सत्येंद्र कुमार झा, भौतिकी विभाग के शिक्षक डा सुजीत कुमार चौधरी, आइक्यूएसी सहायक प्रवीण कुमार झा, स्थापना सहायक चेतकर झा, पवन कुमार ठाकुर, जयचन्द झा, राधेश्याम झा, अनुपम कुमार झा, चन्द्रकांत चौधरी, रमेश कुमार कामति, मिश्री साह, रतन मिश्रा आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।