#MNN24X7 दरभंगा इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, दरभंगा द्वारा दिनांक 21/01/ 2026 को “आत्म नियंत्रण एवं आत्म प्रबंधन द्वारा उत्कर्ष” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक डॉ संतन कुमार राम ने कहा कि आज के दौर में विद्यार्थी, समाज एवं राष्ट्र के समक्ष नेतृत्व का संकट है और इस संकट की घड़ी में अनुशासन, साहस और चरित्र ही वह बीजमंत्र हैं, जो पार लगा सकते हैं। पल पल बदलती दुनिया में स्वअनुशासन और अनैच्छिक प्रवृत्तियों पर नियंत्रण के साथ आत्म प्रबंधन कैसे किया जाए यह एक महत्वपूर्ण विचार का बिंदु है।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रो. कमलेश कुमार, प्राचार्य आर.सी.एस. महाविद्यालय, बेगूसराय ने अपने संबोधन में कहा कि संसाधनों की बहुलता के बीच हम जी रहे हैं और खुद को हम भीड़ में गायब होते जा रहे हैं। सूचना के विस्फोट के दौर में हम जी रहे हैं । तमाम संसाधनों के बीच एक खोखलेपन का एहसास होता रहता है। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी चीजों के खरीदार एवं अच्छी चीजों के श्रोता बहुत कम होते हैं। व्यक्ति के कैरियर की अवस्था के बारे में बताया और कहा कि एक अच्छा अध्यापक पके हुए आम की तरह होता है, जो नयाकता उत्पन्न कर सकता है। उन्होंने पूर्ण रूप से मानव जीवन की सफलता प्राप्ति के पीछे बुद्धि, चित्त, अहंकार, आत्मतत्व, कर्मेंद्रिय एवं ज्ञानेंद्रिय के बारे में विस्तार से बताया एवं कहा कि आत्मतत्व का बोध होने पर ही पता चलता है कि किसे नियंत्रित करना है, जीवन को कैसे सुरभित किया जाए, कैसे संवारा जाए, इसके लिए आत्मबोध का होना जरूरी है। जीवन में सफलता के साथ साथ सार्थकता भी आना जरूरी है।
इग्नू अध्ययन केंद्र जी डी कालेज बेगूसराय के समन्वयक डॉ अनिल कुमार ने बुद्ध भगवान द्वारा बताए गए उपदेशो को रेखांकित किया।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए इग्नू क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ आकाश अवस्थी ने कहां कि शंकराचार्य ने शरीर, बुद्धि, मन की विभिन्न अवस्थाओं पर विचार करते हुए मनुष्य की अलग-अलग श्रेणियां बताई है।
कार्यक्रम का संचालन श्री राजीव रंजन, निजी सचिव, क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा द्वारा किया गया।
इस सत्र में क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, इग्नू अध्ययन केंद्र के कर्मी तथा इग्नू के शिक्षार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
