बहुजन समाज भी अपनी शिक्षा, एकता, प्रतिभा एवं संघर्ष के बल पर ही आगे बढ़ेगा- अध्यक्ष डॉ सत्यनारायण।

बिहार में सात लाख की आबादी वाली चौपाल जाति आज भी शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ी- शिवजी चौपाल।

बेहतरीन शिक्षा एवं एक-दूसरे का पैर नहीं, बल्कि हाथ खींचने से होगा किसी भी समाज का विकास- डॉ चौरसिया।

#MNN@24X7 दरभंगा महात्मा गांधी कॉलेज, दरभंगा के सभागार में ‘चौपाल जाति महासंघ, बिहार’ के तत्वावधान में दो दिवसीय “चौपाल जाति समागम सह प्रतिभा सम्मान समारोह” का आयोजन प्रारंभ किया गया। समारोह में पूर्व प्रधानाचार्य डॉ सत्यनारायण पासवान की अध्यक्षता में “चौपाल जाति की समस्या-समाधान : मुद्दे एवं चुनौतियां” विषय पर आयोजित संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में चौपाल जाति के प्रथम आइएएस शिवजी चौपाल मुख्य वक्ता, संस्कृत- प्राध्यापक डॉ आर एन चौरसिया मुख्य अतिथि, चौपाल जाति महासंघ, बिहार के अध्यक्ष डॉ रामबाबू चौपाल संयोजक, शिशो पश्चिम के मुखिया बजरंगबली दास, शिशो पूर्वी के सरपंच रामबाबू दास, मुखिया साबरी चौपाल, अधिवक्ता सुधीर कुमार मंडल, जिला पार्षद संजय चौपाल, सहरसा से रामदेव शर्मा, मदन, राहुल, प्रभास, राम स्वार्थ चौपाल, धर्मेन्द्र, अनिल चौपाल, इन्द्र भूषण, जितेन्द्र, सुधीर मंडल, रानी कुमारी, विनोद दास, गौरव, पलट चौपाल, किशन चौपाल, रंजीत, अविता, जितेन्द्र, प्रमोद, संजय, मनोज चौपाल, राम स्वार्थ चौपाल, अमित आर्यन तथा डॉ राम बहादुर चौपाल आदि सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, शिक्षकों आदि ने संबोधित किया। समारोह के प्रारंभ में अतिथियों एवं सभी सहभागियों द्वारा पूर्व एमएलसी एवं राम मंदिर के आजीवन सदस्य स्वर्गीय कामेश्वर चौपाल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। वहीं अतिथियों का स्वागत पाग, चादर एवं पुष्पमाला से किया गया।

अध्यक्षीय वक्तव्य में डॉ सत्यनारायण पासवान ने कहा कि बहुजन समाज भी अपनी शिक्षा, एकता, प्रतिभा एवं संघर्ष के बल पर आगे बढ़ सकता है। रामायण, महाभारत तथा संविधान लिखने वाले हमारे समाज के ही लोग थे। राम मनोहर लोहिया, साहू जी महाराज, कर्पूरी ठाकुर, ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई, पेरियार तथा अंबेडकर आदि हमारे आदर्श हैं। उन्होंने पूरे भारतवर्ष में जातीय सर्वेक्षण की मांग करते हुए कहा कि अपनी कठोर मेहनत, जागरूकता तथा संगठन के बल पर ही समाजसेवी कार्यकर्ता के नेतृत्व में चौपाल जाति आगे बढ़ सकता है।

मुख्य अतिथि डॉ आर एन चौरसिया ने कहा कि बेहतरीन शिक्षा एवं एक-दूसरे का पैर नहीं, बल्कि हाथ खींचने से ही किसी भी समाज का विकास होता है। शिक्षा हर समस्या का निदान एवं सफलता की कुंजी है। यहीं हमारी प्रगति एवं खुशहाली का भी मूल आधार है। उन्होंने अपना पेट काट कर भी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की अनिवार्यता पर जोर देते हुए कहा कि इसे अपनाकर ही हम अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

मुख्य वक्ता शिवजी चौपाल ने कहा कि बिहार में चौपाल जाति की आबादी 7 लाख से अधिक है जो आज भी शैक्षणिक, सामाजिक, राजनीतिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ी हुई है। हमें अपने समाज का पथ- प्रदर्शक स्वयं ही बनना होगा। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने हर व्यक्ति में जानने, सीखने, समझने और करने की समान क्षमता दी है। हमें अपने लक्ष्य- प्राप्ति तक लगातार आगे बढ़ते रहना चाहिए।
समारोह के संयोजक एवं कार्यक्रम संचालक डॉ रामबाबू चौपाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महासंघ के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दो दिवसीय समारोह में चौपाल समाज के प्रतिभा संपन्न युवाओं, शिक्षकों,जन- प्रतिनिधियों आदि को सम्मानित भी किया जाएगा। साथ ही संगठन की मजबूती, चौपाल समाज की प्रगति, शिक्षा- विकास एवं रोजी- रोजगार आदि मुद्दों पर भी पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। धन्यवाद ज्ञापन आलोक कुमार ने किया।