#MNN24X7 दरभंगा, संवाददाता
पूरे देश के साथ-साथ दरभंगा में भी ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास, अकीदत और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। शहर के विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में सुबह से ही नमाज अदा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लहेरियासराय स्थित बेंता मिर्जा खां तालाब ईदगाह में हजारों की संख्या में नमाजी एकत्रित हुए और शांतिपूर्वक ईद की नमाज अदा की।

नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी प्रेम व सौहार्द का संदेश दिया। पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल देखा गया।

इस अवसर पर ईदगाह के इमाम साहब ने अपने संबोधन में ईद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ईद-उल-फितर रमजान के पाक महीने के रोजों के बाद अल्लाह की इबादत का इनाम है। यह पर्व खुशी, शुक्रगुजारी और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।

उन्होंने बताया कि ईद की नमाज हर उस मुसलमान पर वाजिब होती है जो बालिग, समझदार और आर्थिक रूप से सक्षम हो। साथ ही उन्होंने फितरा अदा करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता का माध्यम है, जिससे वे भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें।

इमाम साहब ने कहा कि ईद का असली उद्देश्य केवल नए कपड़े पहनना और मिठाइयां खाना नहीं, बल्कि समाज में समानता, भाईचारा और दया की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के जरूरतमंदों की मदद करें और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखें।

नमाज के उपरांत देश की तरक्की, अमन-शांति और आपसी सौहार्द के लिए विशेष दुआ की गई। इस दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरे आयोजन में शांति और व्यवस्था बनी रही।

कुल मिलाकर, दरभंगा में ईद का पर्व प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता के संदेश के साथ शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।