#MNN@24X7 दरभंगा प्रख्यात अर्थशास्त्री एवं पूर्व प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह के निधन पर विद्यापति सेवा संस्थान ने शुक्रवार को शोक जताया। दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक संवेदना व्यक्त करते हुए संस्थान के महासचिव डा बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने कहा कि डा मनमोहन सिंह भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में से एक थे। उनकी विद्वता का आधार उनकी अद्वितीय शैक्षणिक पृष्ठभूमि थी। यही कारण था कि जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उन्होंने अद्वितीय प्रतिभा का परिचय दिया।
मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पं कमलाकांत झा ने कहा कि उनके नेतृत्व में देश ने उदारीकरण, निजीकरण, और वैश्वीकरण की अभूतपूर्व नीति अपनाई, जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था को तत्कालीन भीषण संकट से बाहर निकालकर देश को तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर किया। संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डा बुचरू पासवान ने कहा कि उनकी ईमानदारी का स्तर उन्हें भारतीय राजनीति में एक अलग स्थान प्रदान करता है। मणिकांत झा ने कहा कि मनमोहन सिंह अपनी सादगी और ईमानदारी के लिए पूरे राजनीतिक जीवन में आदर्श माने जाते रहे। प्रो जीवकांत मिश्र ने कहा कि उनका व्यक्तिगत जीवन बेहद सादगी भरा था और उन्होंने कभी भी राजनीतिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने पद का दुरूपयोग नहीं किया।
मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा ने कहा कि ईमानदारी के मामले में मनमोहन सिंह ने राजनीति में एक उच्च मानदंड स्थापित किया। उनके पूरे करियर में व्यक्तिगत भ्रष्टाचार का एक भी मामला सामने नहीं आना उनकी सादगी, निष्ठा और ईमानदारी का प्रत्यक्ष प्रमाण था। यही कारण था कि प्रधानमंत्री रहते हुए उनके कार्यकाल में कई बार विवाद और घोटाले सामने आए, लेकिन उनकी व्यक्तिगत ईमानदारी पर कभी किसी ने सवाल नहीं उठाया।
डा महेंद्र नारायण राम ने कहा कि यह उनके चरित्र का प्रमाण है कि वे हमेशा अपने आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध रहे, चाहे परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न रही हों। प्रो विजय कांत झा, विनोद कुमार झा, पंकज कुमार ठाकुर, डा गणेश कांत झा, दुर्गा नंद झा, प्रो चंद्रशेखर झा बूढ़ा भाई, डा महानंद ठाकुर, आशीष चौधरी, पुरुषोत्तम वत्स, मणिभूषण राजू, शंभूनाथ मिश्र, चंद्र मोहन झा, रामाज्ञा झा आदि ने भी डा मनमोहन सिंह के निधन पर शोक जताया।