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संस्कृत विश्वविद्यालय में एनएसएस द्वारा कार्यक्रम आयोजित

#MNN24X7 दरभंगा, 13 अप्रैल। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) द्वारा स्नातकोत्तर इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आज दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। एक ओर जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, वहीं दूसरी ओर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

विश्वविद्यालय के पी आर ओ डॉ. निशिकांत द्वारा सूचना प्रदान की गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी कुलपति प्रो. दिलीप कुमार झा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कुलपति डॉ. अरविंद कुमार पांडेय उपस्थित रहे। विषय प्रवर्तक के रूप में प्रो. पुरेंद्र बारिक ने विचार प्रस्तुत किए। कला एवं संस्कृति से जुड़े रामदास पांडेय जी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का प्रारंभ जलियांवाला बाग के शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर किया गया। तत्पश्चात भीमराव अंबेडकर जी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया।

दर्शन संकायाध्यक्ष डॉ. शंभु शरण तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि जलियांवाला बाग की घटना हमें अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देती है, जबकि बाबा साहेब के विचार न्यायपूर्ण समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। साहित्य विभाग के सहायक आचार्य डॉ. रितेश कुमार चतुर्वेदी ने बाबा साहेब के जीवन को शिक्षा, संघर्ष और समानता का प्रेरणास्रोत बताया।

मुख्य अतिथि डॉ. अरविंद कुमार पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाबा साहेब के विचार केवल स्मरण करने के लिए नहीं है बल्कि उन्हें व्यवहार में अपनाना चाहिए। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. दिलीप कुमार झा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा प्रतिपादित शिक्षा और समानता के सिद्धांत आज भी समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए संयोजक डॉ. साधना शर्मा ने कहा कि आज का दिन इतिहास में विशेष महत्व रखता है—एक ओर जलियांवाला बाग जैसा भीषण अत्याचार, तो दूसरी ओर बाबा साहेब द्वारा स्थापित न्याय और समानता का मार्ग। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के संस्कृत प्रेम का भी उल्लेख किया।

छात्रा बबीता ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुधीर कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया तथा शहीदों को नमन करते हुए बाबा साहेब के सिद्धांतों को अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सुशील झा तथा सिद्धेश झा का भी सहयोग रहा।