आइसा-आरवाईए के राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद के तहत दरभंगा में निकला मार्च।

उच्च सदन से कानून पारित कर प्रभावी रूप से लागू करे केंद्र सरकार।।

#MNN24X7 दरभंगा 31 जनवरी सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी की उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता का प्रचार नियमावली पर लगाई गई रोक के खिलाफ,रोहित एक्ट लागू करने की मांग के साथ इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन(आइसा) के अखिल भारतीय प्रतिवाद के तहत दरभंगा में संगठन के महानगर के महानगर सचिव इंद्रजीत कुमार,अध्यक्ष दिलीप कुमार,मिथिलेश यादव के नेतृत्व में डीएमसीएच परिसर से कर्पूरी चौक तक प्रतिवाद मार्च निकाला गया!

कर्पूरी चौक पर आयोजित सभा की अध्यक्षता महानगर उपाध्यक्ष पप्पू कुमार ने किया।

संबोधित करते हुए आरवाईए राज्य उपाध्यक्ष संदीप कुमार चौधरी ने निंदा करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताया है।उन्होंने हा है कि ऐसे समय में, जब देश की यूनिवर्सिटीज़ और कॉलेजों में जाति, लिंग और सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर भेदभाव की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, इस तरह की रोक हाशिए के छात्रों की उम्मीदों पर गहरी चोट है। यह नियम किसी एक दिन में नहीं बने थे, बल्कि वर्षों से चले आ रहे छात्र आंदोलनों, सामाजिक संघर्षों और संस्थागत भेदभाव के खिलाफ उठी आवाज़ों का नतीजा थे। रोहित वेमुला, पायल तड़वी और दर्शन सोलंकी जैसी घटनाओं ने यह साफ़ कर दिया है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता सिर्फ़ संवैधानिक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन-मरण का सवाल बन चुकी है।

आरवाईए जिला सचिव अमित पासवान ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों पर पूरी तरह रोक लगाना सही नहीं है।सरकार इन नियमों को और मज़बूत, स्पष्ट और जवाबदेह बनाए,न कि उन्हें अधर में लटकने दे।आरवाईए केंद्र सरकार से स्पष्ट मांग करती है कि वह इन नियमों को संसद के उच्च सदन में प्रस्तुत कर व्यापक बहस के बाद कानूनी और संवैधानिक मजबूती प्रदान करे,ताकि इन्हें प्रभावी रूप से देश भर के उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू किया जा सके।

महानगर सचिव इंद्रजीत कुमार एवं अध्यक्ष दिलीप कुमार ने कहा कि समानता और सामाजिक न्याय किसी अदालत या आयोग की कृपा पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक इच्छाशक्ति और राजनीतिक प्रतिबद्धता पर निर्भर करते हैं।अगर सरकार सचमुच समावेशी और न्यायपूर्ण शिक्षा व्यवस्था चाहती है,तो उसे आधे-अधूरे कदमों और टालमटोल की राजनीति से बाहर आना होगा।

आरवाईए राष्ट्रीय परिषद सदस्य मयंक कुमार यादव ने कहा कि आरवाईए आइसा यह साफ़ करती है कि हम उच्च शिक्षा में भेदभाव के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे और किसी भी कीमत पर सामाजिक न्याय के सवाल को ठंडे बस्ते में नहीं जाने देंगे।

प्रतिवाद मार्च में कमरे आलम, कौशल, अभिषेक, साहिल, सिद्धू, सौरभ कृष, गौरभ,राहुल विष्णु, गुड्डू, शिवराज, सोनू, कुमार देवाशीष सहित दर्जनों युवा शामिल थे।

वही दूसरी ओर प्रतिवाद मार्च के समर्थन में दोनार चौक से नाका नंबर 5 तक भी मार्च निकाला गया।जिसमें राजेश राम, दिलीप कुमार,वरुण यादव,मुरारी,अमित बैठा,राजीव पासवान,अरविंद राम,शशिकांत सदा, पप्पू कुमार सहित दर्जनों युवा शामिल थे।