#MNN24X7 दरभंगा युवराज द्वय कुमार राजेश्वर सिंह व कुमार कपिलेश्वर सिंह ने रखी रुद्रेश्वरी काली मंदिर के जीर्णोद्धार की नींव।
माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था के केंद्र माधवेश्वर प्रांगण में कामेश्वर धार्मिक न्यास के ट्रस्टी युवराज द्वय कुमार राजेश्वर सिंह एवं कुमार कपिलेश्वर सिंह के द्वारा रुद्रेश्वरी काली मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य आज विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के साथ की गई। उनके साथ राज परिवार के गणमान्य सदस्य भी विशेष रूप से उपस्थित थे। पुरोहितों द्वारा उच्चारित वैदिक मंत्रों एवं शंखनाद के बीच युवराज द्वय ने गर्भगृह में माँ रुद्रेश्वरी काली की विशेष पूजा-अर्चना के साथ मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का अवलोकन किया।

यह मंदिर महाराज रुद्र सिंह के समाधी पर स्थापित है । इस मंदिर का निर्माण 1852 में महाराजा महेश्वर सिंह ने कराया था। महाराज रुद्र सिंह का शिक्षा के क्षेत्र में बहुत योगदान है वर्ष 1844 में तिरहुत का पहला विद्यालय मुजफ्फरपुर में खोला गया। जिसका मुख्य उद्देश्य दलितों एवं पिछड़े समाज के बच्चे भी पढ़ सके ऐसी व्यवस्था उस समय की गई थी। इतिहास इन्हें आधुनिक भारत में शिक्षा की नींव डालनेवाले शासकों में गिनती होती है। इनका कार्यकाल सन् 1839 से 1850 तक था।
माधवेश्वर प्रांगण न केवल मिथिला बल्कि संपूर्ण बिहार एवं भारत के लिए आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। समय के साथ मंदिर की संरचना में आ रहे बदलावों और मरम्मत की आवश्यकता को देखते हुए ट्रस्टी युवराज द्वय ने इसके जीर्णोद्धार का निर्णय लिया है। न्यास का उद्देश्य मंदिर की प्राचीन वास्तुकला और पवित्रता को बनाए रखते हुए इसे और अधिक भव्य और सुदृढ़ बनाना है, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
नाटक भवन (रुद्र कला भवन) मिथिला विश्वविद्यालय से 37 वर्षों के बाद माननीय न्यायालय के आदेश पर मिला उसको लेकर भी हम कई योजनाओं पर काम करने की सोच रहे है, जैसे, हम चाहते है कि दरभंगा का ध्रुपद घराना को भी जीवित किया जाएगा जिसमे बच्चों को ध्रुपद आदि संगीत का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस क्षेत्र मे सृष्टि फाउंडेशन, नटराज डांस अकादेमी के बच्चे याअन्य सांस्कृतिक संस्था जो इस क्षेत्र में कार्य कर रहे है उनका संरक्षण,संवर्धन होगा, जिससे मिथिला की सांस्कृतिक विरासत का भी उत्थान हो सकेगा। हम राज परिवार के योगदान एवं धरोहरो को सहेजने के लिये संग्रहालय का निर्माण जिसमे लेजर लाईटस शो,पुरानी तस्वीरों आदि को व्यवस्थित रूप मे रखेंगे। फिर उन्होंने आगे कहा की ऐसे कार्यों मे सभी जनता का भी सहयोग चाहिए। मेरा एवं मेरे भाई साहब का प्रयास है की हमारे दादा जी महाराजाधीरज कामेश्वर सिंह एवं मेरे पिताजी राजकुमार शुभेश्वर सिंह के जो अधूरे सपने रहे है उसे साकार करेंगे। मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य के शुरू होने से स्थानीय श्रद्धालुओं और पुजारियों में हर्ष का माहौल है। लोगों का मानना है कि नवनिर्माण के बाद मंदिर की भव्यता और बढ़ेगी, जिससे यह स्थान धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और मजबूती से उभरेगा। इस दौरान पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
इस कार्यक्रम में दरभंगा राज के प्रबंधक सह सचिव आशुतोष दत्ता, माँ रूद्रेश्वरी काली मंदिर के प्रधान पुजारी संजीव कुमार झा,पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ हेमपति झा, डॉ वैद्यनाथ चौधरी बैजू, अमरकांत झा, रमेश झा, विख्यात शंख वादक विपिन मिश्रा, निखिल खेड़िया,प्रियांशु झा, संतोष सिंह, बबलू, राजीव प्रकाश मधुकर,सत्यम सिंह , मुरली शंकर,चंदन सिंह, रंजन शर्मा, कन्हैया दुबे, साईं निरुपम, दीपक झा, विजय झा, डॉ गोपाल ठाकुर, आशीष झा, अशोक मंडल, राम कृष्ण लाल दास, जितेंद्र ठाकुर,हीरा लाल यादव, मुकेश झा, प्रभाकर आदि हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
