#MNN24X7 समस्तीपुर। जिला प्रशासन द्वारा डिब्बा, बोतल एवं गैलन में डीजल-पेट्रोल नहीं देने के आदेश पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने इस आदेश पर सवाल उठाते हुए इसे अव्यवहारिक करार दिया है।

सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि यह “कमाल का आदेश” है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि डिब्बा, बोतल या गैलन में डीजल-पेट्रोल नहीं मिलेगा, तो क्या लोग जेनरेटर या अन्य उपकरण लेकर सीधे पेट्रोल पंप पर जाएंगे? उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों एवं छोटे व्यवसायों में लोग अक्सर डिब्बों में ईंधन ले जाकर जेनरेटर, कृषि कार्य एवं अन्य जरूरतों के लिए उपयोग करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन को आदेश जारी करने से पहले जमीनी हकीकत पर विचार करना चाहिए था। इस तरह के फैसले से आम लोगों, छोटे दुकानदारों एवं किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
माले नेता ने जिला प्रशासन से इस आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और उनकी दैनिक आवश्यकताओं पर प्रतिकूल असर न पड़े।
