मंगलगढ़ में 907 घर उजाड़ने एवं सरकारी जमीन की हेराफेरी का दस्तावेज जिलाधिकारी को सौंपा।

भूमिहीनों को वासभूमि-आवास, सरकारी जमीन पर बसे को पर्चा एवं बुलडोजर पर रोक की माले की मांग।

#MNN24X7 समस्तीपुर, 14 मार्च, मंगलगढ़ में 35 वर्षों से अधिक से बसे 907 भूमिहीन परिवारों को उजाड़ने के खिलाफ जिलाधिकारी के समक्ष 12 मार्च से शुरू अनिश्चितकालीन घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन के दूसरे दिन शुक्रवार को देर शाम बुलावे पर भाकपा माले प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मिला, मामले से संबंधित तमाम सबूतों का दस्तावेज जिलाधिकारी को सौंपा।

जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा द्वारा दस्तावेज अवलोकन के बाद मामले को गंभीर बाते हुए जांच कराकर उजाड़ने एवं सरकारी जमीन हेराफेरी करने के दोषियों पर कारवाई करने एवं जांच में सही पाये जाने पर उजाड़े गए तमाम परिवारों को पुनर्वास कराने का आश्वासन जिलाधिकारी द्वारा दिये जाने की जानकारी भाकपा माले जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार ने दिया।

उन्होंने कहा कि जिले के तमाम भूमिहीनों को वास भूमि एवं आवास देने, सरकारी जमीन पर बसे को पर्चा एवं पर्चाधारी को कब्जा दिलाने की माले की मांग को भी जिलाधिकारी ने गंभीरतापूर्वक लेते हुए इस दिशा में भी उचित कारवाई का आश्वासन दिया।

मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट के साथ जिलाधिकारी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में भाकपा माले जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार, खेग्रामस जिला सचिव जीबछ पासवान, जिलाध्यक्ष उपेंद्र राय, माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह, ललन कुमार, मंगलगढ़ निवासी रमेश महतो आदि थे।

जिलाधिकारी द्वारा दिया गया ठोस आश्वासन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनकारियों को संबोधित किया और उनसे सहमति प्राप्त होते ही दो दिनों से जारी घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की।