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-हाईकोर्ट में हुए उपस्थित,रखे अपना पक्ष
-अदालत ने भी माना कि वकील से हुई चूक

दरभंगा। सीडब्ल्यूजेसी संख्या 14696/2021 के मामले में संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ शशिनाथ झा गुरुवार को हाई कोर्ट, पटना के न्यायामूर्ति मोहित कुमार साह की अदालत में उपस्थित हुए और चार सप्ताह में वादी को पेंशनादि भुगतान का आश्वासन दिया। अदालत के निर्देश के मुताबिक कुलपति को बुधवार को ही कोर्ट में सदेह हाजिर होकर अपना पक्ष रखना था लेकिन विश्वविद्यालय के पैनल अधिवक्ता विनोदानंद मिश्र की तकनीकी चूक के कारण ऐसा नहीं हो सका।यही वजह रही कि अदालत ने कुलपति के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया था।

वहीं , कुलपति डॉ झा ने बताया कि अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि वे विधिक प्रक्रिया के साथ साथ अदालत के प्रति पूरी आस्था रखते हैं। उन्हें अदालत में सदेह उपस्थित होना था ऐसी तथ्यात्मक जानकारी दी ही नहीं गयी थी। अन्यथा वे समय पर अदालत में उपस्थित हो जाते। साथ ही कुलपति ने अदालत से यह भी कहा कि बिहार सरकार से राशि उपलब्ध कराते हुए चार सप्ताह में वादी को बकाये की सारी राशि का भुगतान करा दिया जाएगा।

उधर खफा मा0 न्यायमूर्ति ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कुलपति से कहा कि भविष्य में संस्कृत विश्वविद्यालय का कोई भी मुकदमा लेकर उक्त अधिवक्ता को उनकी अदालत में पैरबी के लिए नहीं भेजेंगे।

मालूम हो कि सर्वजीत संस्कृत उपशास्त्री महाविद्यालय, लहटा, दरभंगा के प्रध्यापक रहे स्व0 रमेशचन्द्र झा की पत्नी लक्ष्मी देवी ने पेंशनादि भुगतान के लिए हाईकोर्ट में उक्त सिविल याचिका दायर की है। श्री झा 31 जनवरी 2019 में सेवानिवृत्त हुए थे।