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पदाधिकारियों के साथ कुलपति ने की बैठक

#MNN@24X7 दरभंगा, संस्कृत विश्वविद्यालय में 12 मार्च को सीनेट की बैठक माननीय कुलाधिपति की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। इसके लिए उन्होंने कृपापूर्ण सहमति दे दी है। राजभवन से इस आशय का पत्र मिलते ही विश्वविद्यालय पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। सीनेट की बैठक यादगार बनाने के लिए कुलपति प्रो0 एलएन0 पांडेय ने आज पदाधिकारियों संग बैठक की एवम कार्यक्रम को लेकर रोडमैप भी तैयार किया गया।

मौके पर उन्होंने कहा कि समय कम है और वैधानिक औपचारिकताओं को भी पूर्ण करना है। इसलिए आपसी सामंजस्य बैठाकर कार्यों को द्रुत गति से करने की आवश्यकता है। वहीं प्रतिकुलपति प्रो0 एसएस0 सिंह ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। प्राधिकार प्रभारी डॉ शिवलोचन झा ने गत बैठक की बाबत कई मुद्दे की जानकारी दी तथा इस निमित्त सक्षम उपाय निकालने का अनुरोध किया। सभी मुद्दे पर विचार विमर्श किया गया।

पांच को वित्त समिति व नौ को सिंडिकेट

उक्त जानकारी देते हुए पीआरओ निशिकांत ने बताया कि सीनेट की बैठक से पहले पांच मार्च को दो बजे अपराह्न वित्त समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। वहीं नौ मार्च को सिंडिकेट की बैठक आहूत होगी। प्राधिकार शाखा द्वारा इसकी तैयारी शुरू कर दी गयी है। मालूम हो कि समय कम रहने के कारण सीनेट में खासकर वार्षिक बजट 2024-25 के अनुमोदन का प्रस्ताव लाने पर विचार किया गया।

बजट की होगी समीक्षा

सीनेट से पूर्व नौ मार्च को सिंडिकेट की बैठक आयोजित होगी । इससे पूर्व पहले से तैयार बजट की समीक्षा की जाएगी ताकि त्रुटि दूर हो सके। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। स्नातकोत्तर प्रभारी डॉ. सुरेश्वर झा के संयोजन में गठित इस कमेटी में सीसीडीसी डॉ दिनेश झा तथा उप कुलसचिव प्रथम डॉ. सुनील कुमार झा सदस्य होंगे। समीक्षा समिति की पहली बैठक एक मार्च को आहूत की गई है। समीक्षा कार्य मे लेखा शाखा एवम स्थापना शाखा कमेटी को मदद करेगी।

बैठक में कुलपति प्रो0 पांडेय समेत प्रतिकुलपति प्रो0 एसएस0 सिंह, डॉ सुरेश्वर झा,डॉ शिवलोचन झा, डॉ दिनेश्वर यादव, डॉ दिनेश झा, डॉ सुधीर झा, डॉ रेणुका सिन्हा, डॉ दयानाथ झा,डॉ उमेश झा, डॉ दिलीप कुमार झा, डॉ कुणाल झा, डॉ सुनील कुमार झा, डॉ विनय कुमार मिश्र, डॉ कृष्णानन्द झा, डॉ नरोत्तम मिश्रा, डॉ शम्भू शरण तिवारी, डॉ रीतेश कुमार चतुर्वेदी, डॉ तेजनारायण झा के अलावा लेखा शाखा के प्रभारी मिथिलेश कुमार लाल मुख्य रूप से उपस्थित थे।