रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू से महका पब्लिक लाइब्रेरी का परिसर।

दरभंगा का दिल हुआ गुलशन गुलशन लक्ष्मेश्वर पब्लिक लाइब्रेरी का प्रांगण लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है. परिसर में चल रही दो दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी को शनिवार 28 दिसंबर 2024 को आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. प्रदर्शनी शुभारंभ गणेश वंदना, शंखनाद एवं स्वस्तिवाचन से हुआ.
एक साथ सैकड़ो किस्म के फूलों के डेकोरेशन को देखकर लोग अचंभित हो रहे थे.

उद्घाटन समारोह वेद मंत्रों से किया गया. उत्तरी बिहार उद्यान समिति की अध्यक्ष श्रीमती लता खेतान ने अपने अध्यक्षीय एवं स्वागत संबोधन में यह जानकारी दी कि हम लोगों की संस्था जनमानस के बीच प्रकृति प्रेम, हरियाली, जल संरक्षण, भूमि की उर्वरा शक्ति का पोषण के लिए अपने कई कार्यक्रमों से जागृति का संचार करने में संलग्न रहती है. हमारे सभी सदस्य संस्था के उद्देश्यों को पूरा करने में तत्पर रहते है. मुख्य अतिथि के रूप में पधारे जिलाधिकारी श्री राजीव रोशन ने संपूर्ण प्रदर्शनी में विभिन्न स्टॉल पर जाकर मुआयना किया और इस आयोजन की भूरी भूरी तारीफ एवं प्रशंसा की. जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि ऐसी प्रदर्शनी का आयोजन प्रकृति प्रेम के प्रति जन जागृति का अनूठा तरीका है।. ऐसे आयोजन से न सिर्फ आंखों को सुकून मिलता है बल्कि संपूर्ण प्रकृति का संरक्षित और पोषण किया जा सकता है। सिर्फ आवश्यकता ऐसे कार्यक्रमों से लगाव की है. उनके मतों में जब प्रकृति प्रेम और संरक्षण अति हो गया है तभी समाज का एक बड़ा तबका इससे दूर होता जा रहा हैं.

इस आयोजन में जिलाधिकारी श्री राजीव रोशन के अतिरिक्त उप विकास आयुक्त चित्रगुप्त कुमार,नगर आयुक्त श्री राकेश गुप्ता, एसडीम विकास कुमार, एडीएम राकेश रंजन, अनिल कुमार, निशांत कुमार आदि जिला प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थें.

समिति की ओर से दरभंगा में प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा, हरियाली के विस्तार के लिए संलग्न संस्था MEANS को ग्रीन अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया गया.

पुष्प प्रदर्शनी के लिए रखे गए रंग-बिरंगे फूल कैक्टस आदि का दीदार करने पहुंचे लोग विभिन्न प्रकार के फूलों की बगिया के बीच खुद को पाकर आनंदित होते रहें. उनके होठों पर परिलक्षित होती मुस्कान चेहरे पर लालिमा बिखेरती नजर आ रही थी. प्रदर्शनी में बुजुर्ग, नवयुवक, युवतियां, महिलाएं व बच्चे प्रकृति के साथ एवं प्रकृति के बीच के नायाब वातावरण में बिताए गए इन फलों को समेटने में देर शाम तक लग रहे और अपने मोबाइल में इस सुनहरे पलों को कैद करते नजर आए. उत्तरी बिहार उद्यान समिति की ओर से लोगों के लिए खाने-पीने के स्टॉल लगाकर खाने-पीने की व्यवस्था की गई है. समिति के सभी सदस्य सक्रिय रूप से इस कार्यक्रम को व्यवस्थित और सुचारू ढंग से चलने के लिए पूरी कोशिश कर रहे थे. समिति की ओर से सुरक्षा का भी पुख्ता इंतजाम किया गया हैं. समिति द्वारा इस कार्यक्रम के दौरान न्यूनतम कीमत पर पौधों की बिक्री की जा रही है. देर शाम तक लोगों का प्रदर्शनी में आना-जाना लगा रहा है और लोग नैनो को तृप्त करने के साथ ही आत्मीय सुख उठाते नजर आए. चारों ओर फूल ही फूल और स्वर्ग जैसा नजारा प्रतिबिंबित हो रहा है. कार्यक्रम के दौरान मंच पर डॉ बिनोद कुमार मिश्रा, श्री शिव भगवान गुप्ता, विनोद पंसारी, डा राम बाबू खेतान, महासचिव राघवेंद्र कुमार, नीरज खेरिया, मनोज डोकनिया, प्रकाश रंजन सिंह आदि उपस्थित रहे. कार्यक्रम का संचालन तरुण मिश्रा जी ने किया. प्रदर्शनी 29 दिसंबर 2024 रविवार को भी आम लोगों के लिए खुली रहेगी और प्रात: 10:00 बजे विभिन्न प्रतियोगिताओं का पारितोषिक वितरण कार्यक्रम होगा.

संस्था के पुष्प और बागवानी विशेषज्ञ संजय सिन्हा और राजकुमार पासवान ने यह बताया की प्रदर्शनी में मेरीगोल्ड, गुलदाउदी, विभिन्न किस्म के गुलाब, डालिया, राउंड कैक्टस, ग्राफ्टेड प्लांट, सक्यूलेंट, सॉन्ग ऑफ़ इंडिया, क्राटन, बोनसाई समेत कई प्रकार के फ्रूट प्लांट ओर्नामेंटल एवं मेडिसिनल प्लांट लगाए गए हैं.संस्था के पूर्व सचिव विनोद सरावगी ने बताया कि प्रदर्शनी में खासकर बोनसाई और कैक्टस की विभिन्न प्रजातियां लोगों को खासी आकर्षित कर रही हैं. बड़े पेड़ बरगद-पीपल आदि के पौधों को सपाट गमले में लगाकर बोनसाई तैयार किया जाता हैं. इस कार्यक्रम में करीब 35 स्कूलों की भागीदारी रही है जिनके बच्चों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में शामिल कर पर्यावरण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता की एक ठोस बुनियाद संस्था के द्वारा रखने का प्रयास किया जा रहा है.