#MNN24X7 दरभंगा, 12 फरवरी वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय, समाहरणालय के समक्ष सीपीआई(एम) और दलित शोषण मुक्ति मंच की ओर से जिले में बढ़ रहे दलित उत्पीड़न, छोटी-छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई, हरी नगर दलितों पर किए गए सामंती हमले, लूटपाट की घटनाओं में शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी, पतोर गांव के दलित बिंदेश्वर राम की हत्या से संबंधित मुकदमे में गिरफ्तारी, बहादुरपुर थाना के कौआही दलित बस्ती पर अपराधियों द्वारा की गई फायरिंग में गिरफ्तारी, मिर्जापुर देकुली गांव के दलित पर किए गए हमले के अभियुक्तों की अभिलंब गिरफ्तारी, 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद आम जनता द्वारा किए गए विरोध करने वालों पर लगाए गए मुकदमों की वापसी, दलितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, दलित उत्पीड़न पर रोक लगाने तथा सरकारी सहायता प्रदान करने की मांग को लेकर समाहरणालय एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। मांगों से संबंधित पत्र जिला पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया।

प्रदर्शनकारी पोलो मैदान से आयुक्त कार्यालय, समाहरणालय, लहेरिया सराय टावर होते हुए समाहरणालय और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने पहुंचे और प्रदर्शन किया। दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला अध्यक्ष राम प्रीत राम की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद अली अशरफ फातमी ने कहा कि पूरे राज्य में दलितों पर हमले हो रहे हैं, बुलडोजर चलाए जा रहे हैं, और कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी उत्तर प्रदेश की तरह बिहार में बुलडोजर चला रहे हैं, और यह बुलडोजर दलितों, गरीबों, अति पिछड़ी और पिछड़ी जातियों पर चलाया जा रहा है। पटना में एक छात्रा से रेप और हत्या की घटनाएं हुई हैं। ये घटनाएं इसलिए हो रही हैं क्योंकि सरकार कार्रवाई नहीं कर पा रही है। बिहार में शराबबंदी है, लेकिन आसानी से शराब की होम डिलीवरी हो रही है।

उन्होंने कहा कि दरभंगा जिले में कई दलित उत्पीड़न की घटनाएं हुई हैं। मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई, और हत्यारे का संबंध शराब कारोबार से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मैंने दरभंगा जिले के घटनास्थलों पर जाकर घटनाओं की जानकारी ली है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में 1990 के पहले वाला दौर लौट आया है। सरकार को तुरंत दलित उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगानी चाहिए और दलितों को सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।

सीपीआई(एम) राज्य सचिव ललन चौधरी ने कहा कि 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की गई थी। अभियुक्त पहले भी इसी तरह की घटनाओं का अंजाम दे चुका था। इस घटना के बाद विरोध कर रहे आम लोगों पर मुकदमे दायर किए गए हैं और उनकी गिरफ्तारी हो रही है।

उन्होंने कहा कि बहादुरपुर थाना के पास कौआही दलित बस्ती पर अपराधियों द्वारा फायरिंग की गई थी,लेकिन अभी तक अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हुई है।अभियुक्त अब भी खुलेआम घूम रहा है। इसी तरह, मिर्जापुर देकुली में दलितों पर हमले हुए, लेकिन हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। बिहार में आज कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, और सरकार अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने दरभंगा की सभी घटनाओं में अभियुक्तों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

सीपीआई(एम) राज्य सचिव मंडल सदस्य और दलित शोषण मुक्ति मंच के राज्य महासचिव श्याम भारती ने कहा कि पतोर गांव के दलित बिंदेश्वर राम की हत्या की गई, लेकिन अभी तक अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हरी नगर और पतोर की घटनाओं पर विधायक और सांसद चुप हैं। दलितों के वोट से सरकार बनी है, लेकिन दलितों पर चौतरफा हमला हो रहा है। उन्होंने दलितों की सुरक्षा और दलित उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की।

सभा को सीपीआई(एम) जिला सचिव अविनाश ठाकुर, जिला सचिव मंडल सदस्य रामसागर पासवान, रामचंद्र शाह, ललन यादव, अरविंद लालदेव, सुनील शर्मा, दलित शोषण मुक्ति मंच के राजू दास, हीरा मंडल, सुशीला देवी, अशोक पासवान, सामाजिक कार्यकर्ता राम आशीष पासवान और अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।