#MNN24X7 बहेरी | 18 फरवरी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीआई-एम) की अटही शाखा की एक महत्वपूर्ण बैठक हीरा मंडल की अध्यक्षता में लोटस विद्यालय परिसर में संपन्न हुई। बैठक में संगठनात्मक मजबूती, जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों तथा आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 24 मार्च को दिल्ली में प्रस्तावित महारैली को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए गांव और पंचायत स्तर तक व्यापक एवं सघन प्रचार अभियान चलाने की रूपरेखा तैयार की गई, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में चारों श्रम अधिनियमों को वापस लेने, मनरेगा के स्थान पर लाए गए नए प्रावधानों को रद्द करने, तथा वर्ष 2025 के कृषि एवं बिजली विधेयकों को वापस लेने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि ये नीतियां आम जनता, किसानों और मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं।
बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य श्याम भारती ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें किसान-मजदूर विरोधी तथा कॉर्पोरेट समर्थक नीतियां लागू कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और लूट, हत्या तथा अपहरण जैसी घटनाओं में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बनने के बाद से गरीबों पर बुलडोजर कार्रवाई बढ़ी है, जिससे आम लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
श्याम भारती ने विशेष रूप से दरभंगा जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां दलित उत्पीड़न की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि हुई है और छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म जैसी गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं, जो सामाजिक व्यवस्था और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पार्टी द्वारा 24 मार्च को दिल्ली में विशाल महारैली आयोजित की जा रही है और बहेरी प्रखंड से बड़ी संख्या में लोगों से इस रैली में भाग लेने का आह्वान किया गया।
बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल चौधरी, बहेरी लोकल सचिव अरविंद लाल देव, हरिशंकर राम, मन्नू राम, रमाकांत यादव, हीरालाल मंडल, मोहम्मद मुस्तकीम, संजय दास, ध्यान यादव, पप्पू राम सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए और संगठन को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
