-20 मार्च से 3 अप्रैल तक सभी जिलों में होगा पखवाड़ा का आयोजन।

-मिलेट्स यानी मोटे अनाजों के इस्तेमाल पर दिया जाएगा विशेष ध्यान।

-आंगनबाड़ी से परियोजना और जिलास्तर पर आयोजित की जाएंगी विभिन्न गतिविधियां।

-पखवाड़े में 9 मोबाइल वैन से किया जाएगा प्रदर्शन

#MNN@24X7 मधुबनी / 18 मार्च, राज्य में 20 मार्च से 3 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा चलाया जाएगा . इस दौरान व्यापक एवं समग्र रूप से व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, किशोरियों एवं 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के पोषण स्तर में आपेक्षित सुधार लाने के लिए जन भागीदारी से गतिविधियों का आयोजन कर जन आन्दोलन का रूप देने का प्रयास किया जायेगा. उक्त बातें शनिवार को आईसीडीएस के निदेशक कौशल किशोर ने पोषण पखवाड़े पर आयोजित बैठक के दौरान कही.

मोटे अनाजों यानी मिलेट्स पर विशेष ध्यान:

कौशल किशोर ने कहा कि पोषण पखवाड़े में मिलेट्स यानी मोटे अनाजों के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा. अभी भी समाज में मोटे अनाज को गरीबों के आहार से जोड़ा जाता है. जबकि मोटे अनाजों में प्रचूर मात्रा में पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं और यह आहार में पोषक तत्वों की कमी को पूरा भी करता है.

तीन विषयों पर आधारित गतिविधियों का होगा आयोजन:

पोषण अभियान की राज्य नोडल रीफत अंसारी ने कहा कि पोषण पखवाड़े के दौरान तीन विषयों पर बल होगा. जिसमें पोषण के लिए मिलेट्स यानी मोटे अनाज की उपयोगिता के लिए प्रचार – प्रसार, स्वस्थ बाल बालिका स्पर्धा का आयोजन एवं
सक्षम आंगनवाड़ी का प्रचार – प्रसार शामिल होगा.

आंगनवाड़ी केंद्र एवं परियोजना स्तर पर आयोजित होंगी गतिविधियाँ:

पोषण के संदेश के प्रचार – प्रसार के लिए आंगनवाड़ी केंद्र एवं परियोजना स्तर पर तिथिवार गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी. आंगनवाड़ी केंद्र पर पोषण रैली, प्रभात फेरी, माता समूह के साथ बैठक, गृह भ्रमण, हैंड वाशिंग, वृद्धि निगरानी, आपदा प्रबंधन, पोषण वाटिका की स्थापना, संध्या बैठक का आयोजन, दिवाल लेखन, किशोरी समूह की बैठक, प्रश्नोतरी, चित्रकारी, निबंध/रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन, योग एवं आयुष गतिविधि, जीविका समूह के साथ बैठक एनीमिया कैंप एवं वीएचएसएनडी स्तर का आयोजन किया जाना है. इसके अलावा बिहार दिवस के अवसर पर आंगनवाड़ी केंद्र एवं उसके आसपास के जगहों की सफाई की जानी है.

परियोजना स्तर पर आयोजित होनेवाली गतिविधियाँ:

पोषण पखवाड़ा के दौरान परियोजना स्तर पर पोषण रैली, प्रभात फेरी, साईकिल रैली तथा प्रखंड स्तरीय सीएपी बैठक का आयोजन किया जायेगा. साथ ही पोषण परामर्श केंद्र की स्थापना, स्वस्थ बालक बालिका पारितोष वितरण एवं बाजरा संबंधित रेसिपी प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा.

जिला स्तर पर पखवाड़े के दौरान पोषण रैली, प्रभात फेरी, साईकिल रैली, जागरूकता रथ द्वारा प्रचार – प्रसार, जिला स्तरीय पोषण सेमिनार/कार्यशाला का आयोजन जिला स्तरीय सीएपी बैठक का आयोजन, पोषण मेला, स्वस्थ बालक बालिका पारितोष वितरण एवं बाजरा संबंधित रेसिपी प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा.

सभी गतिविधियों के अलावा समुदाय रेडियो से जागरूकता, जीविका समूह की बैठक, स्थानीय जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक, नुक्कड़ नाटक, किशोर समूह के साथ बैठक, टीकाकरण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल शिक्षा, फूड फोर्टीफीकेशन, किशोरोयों की शिक्षा आदि विषयों पर जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित करने करने का निर्देश दिया गया है.

इस दौरान पोषण सलाहकार डॉ. मनोज, विश्व बैंक के पोषण सालाहकर मंत्रेश्वर झा, क्षमतावर्धन एवम व्यवहार परिवर्तन संवाद सलाहकार डॉ कुमारी चंदा, पिरामल फाउंडेशन, यूनिसेफ़, केयर इण्डिया, अलाइव एन्ड थराइव, पीसीआई, सीथ्री, पाथ, प्रथम एडुकेशन फाउंडेशन एवं सीफार के प्रतिनिधि शामिल थे.

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