विश्वविद्यालय उर्दू विभाग के तत्वावधान में नेशनल कौंसिल फाॅर प्रमोशन ऑफ उर्दू लैंग्वेज के सौजन्य से प्रथम बशीर अहमद शदां फारुकी एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन किया गया।’शदां फारुकी शुमाली बिहार का एक गुमशुदा मोहकिक’ विषयक इस प्रथम व्याख्यान के मुख्य अतिथि कुलसचिव प्रोफेसर मुश्ताक अहमद ने बशीर अहमद शदां फारुकी की उर्दू सेवाओं को याद करते हुए कहा कि सफी मुस्लिम हाई स्कूल,लहेरियासराय के शिक्षक की नौकरी करते हुए उन्होंने उर्दू की जो खिदमत की वो महाविद्यालयों-विश्वविद्यालयों के उर्दू के प्रोफेसर भी नहीं कर पाते हैं।उन्होंने हाशिये पर ढकेल दिए गए मिथिला के अदीबों का मूल्यांकन किया।प्रो अहमद ने आगे कहा कि इतिहास लेखन कभी खत्म नहीं होता,वह एक निरंतर प्रक्रिया है।शदां फारुकी के उपेक्षितों के इतिहास लेखन परंपरा को आगे बढाने की जरूरत है।कुलसचिव प्रोफेसर मुश्ताक अहमद ने सूचित किया कि प्रत्येक वर्ष प्रासंगिक विषय विशेष पर बशीर अहमद शदां फारुकी विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया जाएगा।
एक्सटेंशन लेक्चर के मुख्य वक्ता जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के पूर्व उर्दू विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अरशद मसूद हाशमी ने अफसोस जाहिर किया कि सच्चाई की तलाश करने वाला शदां फारुकी गुमशुदा हैं। उन्होंने गौरव के साथ शदां फारुकी के राजनैतिक, प्रशासनिक तथा अकादमिक शिष्यों का उल्लेख किया और कहा कि वे गुरु शिष्य परंपरा की मजबूत कडी थे।प्रो हाशमी के पिता शदां फारुकी के शिष्य थे जिनके कई प्रसंगों का भाव विभोर होकर उल्लेख किया।शदां फारुकी की इतिहास दृष्टि के प्रसंग में प्रो जफर हबीब की असहमति की समीक्षा करते हुए उनके साहित्यिक अवदान को रेखांकित किया।
विश्वविद्यालय उर्दू विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आफताब अशरफ ने आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए मिथिलांचल के उर्दू अदब और विशेषकर शदां फारुकी के अवदान को रेखांकित किया।विदित हो कि प्रोफेसर अशरफ के निर्देशन में शदां फारुकी पर शोध कार्य भी हुआ है।
इस अवसर पर मानविकी संकायाध्यक्ष प्रोफेसर रमण झा और पूर्व उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ रिजवानुल्लाह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उर्दू विभाग की छात्राओं ने सुमधुर गायन कर वातावरण को कोमल और भावप्रवण बनाये रखा।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में पूर्व उर्दू विभागाध्यक्ष और मुमताज शायर प्रोफेसर अब्दुल मन्नान तर्जी ने शदां फारुकी के शैक्षणिक एवं साहित्यिक अवदानों की चर्चा की।
इस अवसर पर स्नातकोत्तर शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर चन्द्र भानु प्रसाद सिंह, पूर्व वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रोफेसर हरे कृष्ण सिंह, संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रोफेसर जीवानंद झा,मैथिली विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रमेश झा,वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शाहनवाज जमीन,एम एल एस एम कालेज की प्रधानाचार्या प्रोफेसर मंजु चतुर्वेदी,सी एम कालेज के प्रधानाचार्य डॉ फूलो पासवान समेत बडी संख्या शिक्षक एवं छात्र छात्राएँ उपस्थित थे।
10 Mar 2022
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