पुरानी पेंशन योजना लागू हो- महासंघ
राज्य कर्मियों को पुराना पेंशन लागू करना होगा महासंघ बिहार विधानसभा में सदस्यों के द्वारा विधानसभा में राज्य कर्मियों को पुराना पेंशन लागू करने के सवाल पर राज सरकार द्वारा दिए गए वक्तव्य पर, पुराना पेंशन लागू करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है । इस बयान पर दरभंगा जिला के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। जब विभिन्न राज्य सरकार द्वारा पुरानी पेंशन लागू किया जा रहा है उसके बावजूद बिहार सरकार पुरानी पेंशन लागू करने में आनाकानी किया जा रहा है। इस वक्तव्य के विरोध में बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला शाखा दरभंगा द्वारा आक्रोश पूर्ण प्रदर्शन निकाला गया।
प्रदर्शन पॉलो फिल्ड से आरंभ होकर आयुक्त कार्यालय, व्यवहार न्यायालय, समाहरणालय, लहेरियासराय टावर होते हुए आयुक्त कार्यालय के समक्ष पहुंचा। जहां साथी गोपाल नारायण झा की अध्यक्षता में रैली आयोजित किया गया। रैली को संबोधित करते हुए महासंघ के जिला मंत्री फूल कुमार झा ने कहा कि सरकार का यह बयान निंदनीय है इस बयान से पूरे राज्य के कर्मचारी आंदोलित होंगे जब भारतवर्ष गुलाम था उस समय भी पेंशन की प्रथा लागू थी परंतु आजाद भारत में वर्ष 2004 से नई पेंशन योजना थोप दी गई लोगों का बुढ़ापे का सहारा जो पेंशन था उससे मरहूम हो गए। सरकार के इस नियत नीति के खिलाफ देशभर के राज्य कर्मचारी एवं केंद्रीय कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं परंतु पूंजीवादी व्यवस्था के समर्थक सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है आज ठेका संविदा आउटसोर्सिंग के द्वारा नौजवानों का श्रम का शोषण किया जा रहा है आज मांग है कि पुरानी पेंशन लागू हो तथा ठेका संविदा मानदेय आउटसोर्सिंग पर बहाल कर्मियों को नियमित किया जाए। दैनिक वेतन भोगी कर्मी को राज सरकार के रिक्त पदों पर समायोजित किया जाए। जबकी सांसद व विधायकों को सदनवार पेंशन की सुविधा दिया जा रहा है साथ ही उनको परिवारिक पेंशन की भी सुविधा उपलब्ध है परंतु राज्य कर्मी 40 वर्षों तक सरकार की सेवा में तत्पर रहता है उसके बावजूद भी उन्हें पेंशन की सुविधा नहीं है और ना ही पारिवारिक पेंशन की इस बिंदु पर अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ का 17 वां सम्मेलन दिनांक 13 अप्रैल से 16 अप्रैल 2022 को बेगूसराय बिहार में आयोजित किया गया है। जिसमें निर्णायक संघर्ष का निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर रैली को साथी फकीरा पासवान, तारा कांत पाठक, अरविंद कुमार राय, अश्विनी कुमार झा, रामकिशुन बैठा,प्रमोद चौधरी, उग्रनारायण गिरी,योगेंद्र पासवान, आदि कर्मचारी नेताओं ने अपना अपना मंतव्य व्यक्त किये तथा हक हकों की रक्षा के लिए अपना आवाज बुलंद करने का आवाहन किया।