महाविद्यालय की एनएसएस इकाई-दो के द्वारा एड्स आधारित संगोष्ठी, क्विज, रैली तथा जन जागरूकता अभियान का हुआ आयोजन।
#MNN24X7 दरभंगा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर की जन्मस्थली में स्थित जीकेपीडी कॉलेज, कर्पूरीग्राम, समस्तीपुर की एनएसएस इकाई-2 के द्वारा विश्व एड्स दिवस की पूर्व संध्या पर एड्स जागरूकता अभियान आयोजित किया गया, जिसके अंतर्गत छात्र-छात्राओं के बीच क्विज प्रतियोगिता, संगोष्ठी, रैली तथा जन जागरूकता अभियान चलाया गया। रैली में छात्रों ने ‘एड्स का ज्ञान- बचाए जान’, ‘अपना जीवन है यदि बचाना- जांचा-परख रक्त ही चढ़ाना’, ‘जानकारी ही- एड्स का बचाव है’, ‘एड्स को जानना है+ जीवन को बचाना है’ आदि प्रेरक नारे लगाए।

महाविद्यालय शशि निकाय के सचिव डॉ अनिसुर रहमान की अध्यक्षता में आयोजित इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के एनएसएस समन्वयक डॉ आर एन चौरसिया, स्वागत कर्ता प्रधानाचार्य प्रो विद्यासागर ठाकुर, संयोजिका एवं कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ प्रेम कुमारी, प्रो बसंत कुमार, प्रो प्रमोद कुमार पासवान, प्रो दिनेश प्रसाद, प्रो सुनील कुमार राय, प्रो हरि प्रसाद, प्रो पुष्पा कुमारी, प्रो ममता कुमारी, प्रो शशि कुमारी, प्रो पुष्पलता कुमारी तथा नंद गोपाल राम आदि ने कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाया, जबकि स्वयंसेवकों में अंकित, कौशिक, आयुष, प्रिंस, सिन्दू, शशि रंजन, मोनू, कृष्ण मुरारी ,उमंग, रिया, अभिलाषा, प्रीति, खुखी, गुड़िया, तुलसी, खुशबू, भारती, सावित्री, प्रियंका, स्वाति, स्मृति, स्मिता, दीपक, काजल, सुरभि, स्नेहा, शिवांगी, कहकशां अंजुम मोनिका, साक्षी तथा सरोज आदि ने सराहनीय कार्य किया।

एड्स आधारित क्विज एवं संगोष्ठी का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए सचिव डॉ अनिसुर रहमान ने कहा कि एड्स की जानकारी ही इसके बचाव का सर्वाधिक कारगर उपाय है, क्योंकि इसका कोई भी पूर्णतः कारगर टीका या दवा उपलब्ध नहीं है। एड्स मानव शरीर की रोगों से बचाव करने की स्वाभाविक प्रतिरोध क्षमता को ही नष्ट कर देता है, जिससे व्यक्ति अनेक रोगों का शिकार होकर अंततः मृत्यु के गाल में समा जाता है। उन्होंने कहा कि एचआईवी/एड्स का परामर्श, जांच एवं कुछ दबाएं भी पूर्णतः निःशुल्क सभी सादर अस्पतालों एवं चिकित्सा महाविद्यालयों में उपलब्ध है।
मुख्य अतिथि डॉ आर एन चौरसिया ने एचआईवी/एड्स का कारण, लक्षण, प्रभाव एवं बचाव की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि एड्स लाइलाज, जानलेवा एवं वायरस जनित खतरनाक वैश्विक बीमारी है, जिसका सर्वाधिक शिकार युवा वर्ग होते हैं। एड्स के प्रारंभिक लक्षणों में थकान महसूस होना, शरीर का वजन घटाना, लगातार बुखार एवं खांसी रहना, ज्यादा दस्त तथा सूजन होना आदि शामिल हैं। एचआईवी वायरस मानव शरीर के शारीरिक द्रव्यों- रक्त, वीर्य, योनि द्रव्य तथा मां के दूध से शरीर में प्रवेश करता है। उन्होंने कहा कि सही देखभाल, अच्छी जीवन शैली, पौष्टिक, ताजा एवं संतुलित भोजन लेने, योग एवं व्यायाम करने तथा उपलब्ध दबाओं के सेवन से एड्स पीड़ित व्यक्ति भी लंबा और आरामदायक जीवन व्यतीत कर सकता है।
एनएसएस इकाई-2 के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ प्रेम कुमारी के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने एड्स जागरूकता रैली निकाली जो समस्तीपुर नगर निगम के वार्ड नंबर-29 स्थित इकाई द्वारा गोद लिए गए मोहल्ले सलेमपुर में तथा कर्पूरीग्राम स्टेशन पर जाकर आमलोगों को एचआईवी एवं एड्स फैलने के कारणों, दुष्प्रभावों एवं बचाव के उपाय से घर-घर जाकर अवगत कराया। डॉ प्रेम कुमारी ने कहा कि एड्स फालने के चार कारणों में मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंध बड़ा कारण है। इसकी सही और पूरी जानकारी देकर लोगों के बहुमूल्य जीवन को बचाया जा सकता है। इसके लिए सूचना, शिक्षा तथा जन जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ‘एक पत्नी और एक पति व्रत’ का ईमानदारी से पालन करने से एड्स से समाज को बचाया जा सकता है
