#MNN24X7 दरभंगा, मिथिला की ऐतिहासिक संप्रभुता एवं भारतीय गणतंत्र के अटूट विश्वाश का एक अनुपम दृश्य आज दरभंगा किला की प्राचीर पर देखने को मिला। गणतंत्र दिवस के गौरवमयी अवसर पर दरभंगा राज परिवार की नई पीढ़ी के ध्वजवाहक, युवराज कुमार कपिलेश्वर सिंह ने दरभंगा राज किले पर शान से तिरंगा फहराकर राष्ट्र की अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

झंडोतोलन के उपरांत युवराज कुमार ने तिरंगे को विधिवत सलामी दी। सामरोह का शुभारंभ पारंपरिक मर्यादाओं के बीच हुआ। इस ऐतिहासिक क्षण के शाक्षी हजारों लोग उपस्थित थे। वही मीडिया से बात करते हुए युवराज कुमार ने कहा, मिथिला की भूमि ज्ञान एवं सेवा की भूमि रही है, हमें अपनी ऐतिहासिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक भारत की प्रगति में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का प्रयास कर रहा हूँ

मौके पर उपस्थित लोगों को प्रेरित करते हुए कहा की हमें अपने जड़ों और अपनी संस्कृति से जुड़ कर ही राष्ट्र के विकाश की नई ऊंचाइयां पर ले जाना है। उन्होंने कहा की दरभंगा राज का इतिहास हमेशा लोक कल्याणकारी रहा है एवं उसी परंपरा को निभाते हुए राष्ट्र की सेवा के लिए संकल्पित हूं। वही युवराज कुमार कपिलेश्वर ने कल्याणी निवास जाकर भी झंडोतोलन किया गया। यह न केवल एक रस्म थी, बल्कि यह संदेश भी था की दरभंगा राज की भावी पीढ़ी अपनी गौरवशाली विरासत एवं देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य कर रही हैं। यह दृश्य भावुक एवं गर्व से भरने वाला था। जब राजसी वैभव के उत्तराधिकारी राष्ट्रध्वज के सम्मुख नतमस्तक होकर देश की समृद्धि की कामना कर रहे थे।

इस कार्यक्रम में पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ हेमपति झा, राज दरभंगा के प्रबंधक सह सचिव आशुतोष दत्ता, शिवनाथ झा, भाजपा वरिष्ठ नेत्री मीना झा, मंजेश चौधरी, आशीष झा, ठाकुर भूपेंद्र, सुधांशु झा, राजीव प्रकाश मधुकर, प्रियांशु झा, संतोष सिंह,उत्सव पाराशर, डॉ गोपाल जी ठाकुर, सुनील राय, राजू मंडल, प्रदीप गुप्ता, सई निरूपण, सुभाष यादव, सत्यम कुमार, बबलू, अशोक मंडल, विजय चौधरी, मनोज साह रंजन शर्मा, कन्हैया दुबे, विजय झा, जितेंद्र ठाकुर, राम कृष्ण लाल दास, आदि हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।