जंतर-मंतर दिल्ली में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों नौजवानों का समर्थन:-रौशन कुमार।
#MNN24X7 पूसा/समस्तीपुर 6 जुलाई, लगातार हो रहे पेपर लीक व भर्ती घोटालों के खिलाफ व दिल्ली के जंतर मंतर मे अपनी मांगों लिए भूख हड़ताल मे बैठे छात्रों के साथ एकजुटता के लिए इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) प्रखंड कमिटी के बैनर तले उमा पाण्डेय महाविद्यालय से मार्च निकालकर पोस्ट ऑफिस समीप डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार तक विरोध प्रदर्शन कर सभा का आयोजन किया गया। अध्यक्षता आरवाईए नेता गणेश यादव व संचालन आरवाईए प्रखंड सचिव डॉ. मुकेश कुमार ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता आरवाईए जिला सचिव रौशन कुमार ने कहा कि लगातार 16 दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्र आंदोलनरत हैं, छात्रों ने पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल शुरू की है छात्रों के साथ पर्यावरणविद व एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, जेएनयू की उप सचिव दानिश अली, आइसा नेता मनीष, दीपक, ऋषिकेश और आमीन समेत अन्य छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। कई छात्रों की हालत काफी नाज़ुक बनी हुई है स्वास्थ्य संबंधित दिक्कते छात्रों व भूख हड़ताल पर बैठे साथियों को हो रही हैं लेकिन फिर भी एक मांग की शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें इसके लिए छात्र डटे हुए हैं। लेकिन हम देखते हैं की ये निर्लज़्ज़ और तानाशाही सरकार छात्रों की मांगे सुनने को तैयार नही है। इसलिए युवा संगठन (RYA) की ओर से छात्र- नौजवान समुदाय की व्यापक आवाज बुलंद करने के लिए तथा जंतर मंतर पर बैठे छात्रों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए पूसा में विरोध प्रदर्शन किया गया। आगे उन्होंने कहा कि सरकार NEET सहित तमाम 80 से अधिक पेपर लीक की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करे तथा शिक्षा मे हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाए। पेपर लीक मे शामिल सभी दोषियों और नेताओं को जेल भेजा जाय।
उन्होंने कहा कि, भीषण गर्मी में आइसा के नेतागण व तमाम छात्र शिक्षा बचाने के लिए सड़क पर मजबूती से लड़ रहे हैं। लेकिन आज लगभग 15 दिन से छात्र दिल्ली के जंतर मंतर धरना दे रहे हैं लेकिन हज़ारों छात्रों की आवाज को आज दबाने का काम किया जा रहा है। लगातार उनके आंदोलन को बदनाम करने के साथ साथ उनको खिलाफ भ्रामक प्रचार फैलाया जा रहा है। मोदी की सरकार ने शिक्षा मंत्री के पद पर एक ऐसे आदमी को बैठाया है जो आज शिक्षा को बेचने का काम कर रहा है, कैसे करके शिक्षा मे निजीकरण और भगवाकरण करके आने वाली पीढ़ियों से शिक्षा को छीन करके देश को अंधविश्वाशी बनाने की साजिश मोदी सरकार की चल रही है।
आरवाईए प्रखंड सचिव डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि आज हम लोग यहाँ पेपर लीक के खिलाफ एकत्रित हुए हैं ये बहुत शर्मनाक है कि आज देश भर में पेपर लीक हो रहे हैं सरकार आपराधिक मौन साधे हुए है. इसी के चलते युवाओं को पेपर लीक के खिलाफ भूख हड़ताल करनी पड़ रही है। छात्रों ने शिक्षा बचाने की लडाई शुरू कर दी है, छात्रों ने पेपर लीक के खिलाफ संघर्ष का रास्ता चुना है.
आइसा नेता रंजन कुमार ने कहा कि नौ दिनों से चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल छात्रों ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति को दिखाया है, आज ये जरूरत इसलिये पड़ी है क्योंकि आज ऐसी सरकार देश मे काबिज है जो केवल बुल्डोजर राज चाहती है. ये सरकार घोटालों की सरकार है जो पेपर लीक के लिए जिम्मेदार है. घोटालों का आलम यह है कि राम की बात करते करते राम मन्दिर में चढ़ावे और चंदे में यह सरकार घोटाला कर रही है. आज छात्र नौजवान इस सरकार की विभाजनकारी लूटखोरी की नीति को समझ चुके हैं इस लिए अब ये संविधान विरोधी सरकार ज्यादा दिन टिकने वाली सरकार नहीं है।
आज के विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से आरवाईए जिला सचिव रौशन कुमार, आरवाईए प्रखंड सचिव डॉ. मुकेश कुमार, आइसा कॉलेज इकाई सचिन रंजन कुमार, आरवाईए नेता गणेश यादव, प्रीति कुमारी, कीर्ति कुमारी, शशि यादव, संजीत कुमार, सुमित पाठक, मुन्ना यादव, आशीष यादव, सोनू कुमार, सुमित कुमार, अंकित कुमार, रंजन कुमार, मो. सद्दाम, अनीश कुमार, बिट्टू कुमार दीपक कुमार नीतीश कुमार अभिषेक कुमार, विवेक कुमार, नयन कुमार आदि अन्य लोग मौजूद थे।
