भूमिहीनों को जमीन एवं सरकारी जमीन पर बसे को पर्चा दिलाने को लेकर आंदोलन तेज होगा- धीरेंद्र झा।
20 अगस्त को मिथिला विश्वविद्यालय में आहूत छात्र-युवा संसद को बड़ी भागीदारी से सफल बनाने का अह्वान।
#MNN24X7 दरभंगा, 16 अगस्त, भाकपा माले मिथिला जोन की बैठक रविवार को भाकपा माले के दरभंगा जिला कार्यालय, लहेरियासराय में दरभंगा जिला सचिव बैधनाथ यादव, मधुबनी जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण एवं समस्तीपुर जिला सचिव उमेश कुमार की अध्यक्षता तथा मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई।

बैठक की शुरुआत राज्य कमिटी द्वारा जारी सर्कुलर के सामूहिक पाठ से हुई। इसके बाद दिवंगत साथियों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक में खेग्रामस एवं किसान महासभा के सदस्यता अभियान की समीक्षा की गई तथा पार्टी-संगठन के मजबूतीकरण, कमिटी एवं शाखाओं के विस्तार, पार्टी पत्रिका ‘लोकयुद्ध’ के वार्षिक सदस्यता बनाने तथा फंड संग्रह अभियान पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में आगामी 20 अगस्त को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू), दरभंगा में आयोजित होने वाली छात्र-युवा संसद की तैयारी एवं उसे सफल बनाने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार, लोकतांत्रिक अधिकारों तथा जनसरोकारों के सवालों पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया।
बैठक में मिथिला क्षेत्र के विभिन्न जिलों से आए पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
मौके पर बंदना सिंह, गंगा मंडल, सत्यनारायण पासवान, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, श्याम पंडित, विशंभर कामत, ललन कुमार, दिनेश कुमार, रंजीत राम, ललन पासवान, विनोद कुमार सिंह, अमित कुमार, रौशन कुमार, अभिषेक कुमार, शनिश्चरी देवी, लोकेश राज समेत दरभंगा , मधुबनी एवं समस्तीपुर जिला के अनेक सदस्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मौके पर बोलते हुए मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने कहा कि छात्र युवाओं के ऐतिहासिक आंदोलन के बाद दलित-गरीबों का उल्लेखनीय दो दिनों का राज्यव्यापी अनशन-सत्याग्रह आंदोलन आजादी दिवस से पूर्व संपन्न हुआ है।
उन्होंने कहा कि बुलडोजर राज के खिलाफ पी पी एक्ट 1947 के तहत गरीबों का वास-आवास एक बड़ा मुद्दा बना है। बढ़ते आंदोलन के दबाव में सरकार ने बासगीत पर्चा देने की प्रक्रिया शुरू की है लेकिन सरकार का दृष्टिकोण गरीब विरोधी है। डेढ़ डिसमिल जमीन में गरीबों का कैसा घर बनेगा। बकरियाँ और गाय कहाँ रहेगी? 5 डिसमिल देने के वादे से सरकार भाग रही है।
आगे उन्होंने कहा कि हर भूमिहीनों को जमीन और पूर्व से बसे परिवारों को बासगीत पर्चा दिलाने को लेकर निर्णायक संघर्ष होगा। मिथिला में अकाल की छाया मंडरा रही है। पीने के पानी का हाहाकार मचा हुआ है। बैठक के हवाले से मांग
की गयी कि उत्तर बिहार को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जाय, पीने के पानी का इंतजाम हो और ग्रामजी कानून के तहत गरीबों को काम दिया जाये। शिक्षा सुधार और रोजगार के मुद्दे पर चल रहे आंदोलन के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए संगठन ने स्कूलों में पठन-पाठन को बेहतर बनाने को मुद्दा बनाने का फैसला किया है। 20 अगस्त के मिथिला विश्व विद्यालय में आयोजित छात्र-युवा संसद को सफल बनाने का आह्वान किया गया। बैठक ने दलित वंचितों के ऊपर बढ़ते हमले की निंदा की गयी।
