मिथिला विवि में शैक्षणिक व प्रशासनिक अराजकता पर रोक लगाने की मांग।

समाधान यात्रा पर आए सीएम विवि से जुड़ी समस्या का करे समाधान, नही तो होगा आंदोलन तेज -आइसा।

9 सूत्री मांग पत्र को जिलाधिकारी कार्यालय में रिसीव कराया गया और सीएम के ईमेल पर भेजा गया।

#MNN@24X7 दरभंगा 12 दिसंबर। आइसा जिला अध्यक्ष प्रिंस राज व जिला सचिव मयंक कुमार यादव ने आज मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में रिसीव कराया गया और साथ ही साथ मुख्यमंत्री को ईमेल के द्वारा भेजा गया। और करवाई की मांग की गई है।

ज्ञापन के माध्यम से मिथिला विश्वविद्यालय में वयाप्त शैक्षणिक व प्रशासनिक अराजकता पर रोक लगाने, कुलपति एवं कुलसचिव के कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच करवाने, दूरस्थ शिक्षा निदेशालय,ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में नई नामांकन बन्द होने के कारण विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोग, गृहणी/महिलाएं उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे/रही है।

इसलिए दूरस्थ शिक्षा निदेशालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा को नालंदा खुला विश्वविद्यालय के तर्ज पर उत्तर बिहार का खुला विवि घोषित करने, जो आपके सरकार से संभव है, सीएम लॉ कॉलेज में यथाशीघ्र नामांकन की प्रक्रिया शुरू करवाने, दूरस्थ शिक्षा निदेशालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में पुनः नामांकन चालू करने को लेकर एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा भेजने, जब तक नामाकंन चालू नही होता है तब तक अति आवश्यक कर्मियों को छोड़कर अन्य कार्यरत कर्मियों को विवि के विभिन्न शाखाओं /विभागों/ अंगीभूत कॉलेज में कार्य करवाने का दिशा निर्देश विवि को देने, दूरस्थ शिक्षा निदेशालय , ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय,दरभंगा के निदेशक सह राज्य नोडल अधिकारी, बीएड, सी टी ई के कार्यकाल की जांच सरकार अपने जांच एजेंसी से करवाने विदित हो कि निदेशक, दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के जिम्मे विवि की चार जिम्मेवारियां है परंतु कोई काम यह सही ढंग से नही कर पाते है, राज्य के चार पारंपरिक विश्वविद्यालयो में दूरस्थ शिक्षा निदेशालय/केंद्र संचालित थे, नामांकन लिए जा रहे थे जिससे राज्य के सकल नामांकन अनुपात, वृद्धि में सहायक थे परंतु केंद्र सरकार के गलत नीति के कारण चारों में नामांकन बन्द हैं।

इन चारों संस्थानों में कार्यरत कर्मियों का सेवा सामंजन विश्वविद्यालय में करने, अतिथि शिक्षक की सेवा स्थाई करने तथा बकाया वेतन का भुगतान करने, बिहार के विवि में खाली परे शिक्षक-कर्मचारी के पदों को भरने, छात्राओ को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा देने की घोषणा को जमीन पर लागू करने, तथा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की राशि निजी व सरकारी दोनों महाविद्यालय को देने की मांग की गई है।

आइसा नेताओ में कहा कि जिला पदाधिकारी पूर्व में मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर समय मांगा गया था लेकिन जिला पदाधिकारी के द्वारा समय नही दिया गया। आइसा नेताओ ने मुख्यमंत्री दरभंगा आगमन पर विवि से जुड़ी समस्या को समाधान करने की मांग की है। अन्यथा आन्दोलन तेज करने की घोषणा की है।

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