Breaking News

#MNN@24X7 जन सुराज पदयात्रा के दौरान सारण में एक आमसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जिस तरह फर्श पर जमी हुई काई को छुड़ाने के लिए झाड़ू से रगड़ना पड़ता है, ठीक उसी प्रकार बिहार के लोगों के दिमाग में जाति और धर्म का मोटा काई जमा गया है।

उन्होंने कहा कि हम पदयात्रा के माध्यम से उस काई को छुड़ाने के लिए गांव-गांव जा रहे हैं, यह एक दिन का काम नहीं है। इस काम में एक-डेढ़ साल लग जाएंगे। लेकिन इस को एक दम से साफ़ करके दिखा देंगे। जन सुराज का पहला संकल्प रोड, नाली-गली नहीं है यह काम तो हो ही जाएगा। जन सुराज का पहला संकल्प है जैसे ही जनता की सरकार आपकी सरकार बन गई उस दिन से साल भर के अंदर जितने भी लड़के बाहर जाकर मजदूरी कर रहे हैं और जितने भी लड़के घर पर बेरोजगार बैठे हैं, उन सब के लिए 10 से 15 हजार की रोजगार की व्यवस्था बिहार में ही करेंगे।