#MNN24X7 दरभंगा जाले. डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के तत्वावधान में कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में आयोजित मखाना अनुसंधान एवं विकास विषयक दो दिवसीय कृषक-वैज्ञानिक-उद्यमी संगोष्ठी का समापन शुक्रवार को प्रक्षेत्र भ्रमण व संवाद सत्र के साथ हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता मखाना अनुसंधान की नोडल अधिकारी डॉ पुष्पा सिंह ने की, जबकि संचालन केंद्राध्यक्ष डॉ दिव्यांशु शेखर ने किया. संगोष्ठी में बड़ी संख्या में किसानों, वैज्ञानिकों एवं उद्यमियों ने भाग लिया.
दूसरे दिन कृषि विज्ञान केंद्र, सुखेत (मधुबनी) के अध्यक्ष डॉ शिशिर कुमार गंगवार, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, बिरौल के वैज्ञानिक डॉ शाजिद हुसैन, ढोली के मत्स्य वैज्ञानिक डॉ जी एन झा, पूसा के अभियांत्रिकी वैज्ञानिक डॉ देवाशीष राय, खाद्य प्रसंस्करण वैज्ञानिक डॉ कुलविन्दर कौर, अभियांत्रिकी वैज्ञानिक डॉ अभिषेक उपाध्याय तथा प्रसार वैज्ञानिक सौरभ तिवारी ने किसानों को तकनीकी जानकारी दी.
प्रक्षेत्र भ्रमण के दौरान किसानों को मखाना उत्पादन की उन्नत तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी दी गई. वैज्ञानिकों ने खेत में ही बेहतर बीज चयन, रोपण विधि, जल प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं का प्रदर्शन किया. अधिक उत्पादन प्राप्त करने के आधुनिक तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई.
सामूहिक संवाद सत्र में किसानों ने उत्पादन से जुड़ी समस्याएं रखीं. तकनीकी चुनौतियों, लागत प्रबंधन, प्रसंस्करण एवं विपणन से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ. उद्यमियों ने मखाना के मूल्य संवर्धन और बाजार विस्तार की संभावनाओं पर अपने अनुभव साझा किए.
वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि सुझावों के आधार पर अनुसंधान कार्य को और सशक्त बनाया जाएगा.संगोष्ठी का उद्देश्य कृषि, अनुसंधान और उद्यमिता के बीच समन्वय स्थापित कर मखाना उत्पादन को अधिक लाभकारी व टिकाऊ बनाना है. प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने की आवश्यकता जताई.
