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-आरबीएसके की टीम ने किया था चिन्हित!

#MNN24X7 मधुबनी , 24 जुलाई, स्वास्थ्य विभाग के आरबीएसके टीम द्वारा ह्रदय रोग से ग्रसित बच्चों को आवश्यक जांच व इलाज के लिए सदर अस्पताल से 9 बच्चों एवं उनके परिजनों के साथ 19 जुलाई को पटना आईजीआईसी पटना भेजा गया। जहां बच्चों का इलाज, परामर्श तथा ऑपरेशन के लिए किया जाना था. जिसमें जिले के 8 बच्चों का सफल ऑपरेशन करा दिया गया है. विदित हो कि ह्रदय में छेद के साथ जन्मे बच्चों को निःशुल्क उपचार सभी बच्चों का इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में निःशुल्क जांच के लिए शिविर का आयोजन किया गया था । सभी चिह्नित बच्चों के साथ परिजनों को 102 एंबुलेंस के माध्यम से भेजने व वापस ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। बच्चों के साथ एक आयुष चिकित्सा फार्मासिस्ट को भी भेजा गया. सिविल सर्जन डॉ नरेश कुमार भीमसारीया ने बताया राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इन बच्चों का नि:शुल्क इलाज व ऑपरेशन किया गया है । उन्होंने बताया बच्चों का पटना स्थित इंदिरा गांधी इंस्टीच्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी द्वारा आयोजित विशेष शिविर के दौरान चिकित्सक रोग की गंभीरता की जांच करते हैं। इस योजना के तहत बच्चों के इलाज तथा परिजन के आने जाने के सभी खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है ।

इन बच्चों का हुआ ऑपरेशन

आरबीएसके के टीम द्वारा चिन्हित लदनिया प्रखंड के दिलीप कुमार साह के पुत्र आनंद कुमार साह, खुटौना प्रखंड के मोहम्मद जफर के पुत्र अनाया जफर, बेनीपट्टी के पप्पू दास के पुत्र अरुश कुमार, बिस्फी प्रखंड के बेचन यादव के पुत्री नीका कुमारी, फुलपरास प्रखंड के प्रमोद कुमार के पुत्र पीयूष कुमार, बिस्फी के राजीव कुमार झा के पुत्र प्रतीक राज, लखनौर प्रखंड के राजकुमार राम के पुत्र शिवम राज एवं राजनगर प्रखंड के ललित कुमार सिंह के पुत्री वंशिका प्रिया का दिल में छेद का सफल ऑपरेशन किया गया.

क्या है आरबीएसके योजना:

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ कमलेश कुमार शर्मा ने बताया राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विभिन्न रोग से ग्रसित 0 से 18 साल के बच्चों के लिये इलाज की व्यवस्था है। इस योजना के तहत कुल 45 प्रकार रोगों का निशुल्क इलाज कराया जाता है इस कार्यक्रम से हृदय में छेद सहित विभिन्न तरह के हृदय रोग से ग्रसित बच्चों के नि:शुल्क इलाज का इंतजाम है। रोगग्रस्त बच्चों की पहले विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जरूरी जांच की जाती है। फिर जरूरी पड़ने पर उन्हें बेहतर चिकित्सा संस्थान भेजा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में आने वाला खर्च सरकार वहन करती है। आम लोगों को सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाना चाहिये।