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– एसीएमओ ने बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर किया अभियान का शुभारंभ
– एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा पिलाई जाएगी दवा
– 6.72 लाख से अधिक बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने का है लक्ष्य
– 5 वर्ष तक के बच्चों को जरूर दें “दो बूंद जिंदगी की”

#MNN@24X7 मधुबनी , 19 सितंबर। बच्चों में विकलांगता होने के प्रमुख लक्षणों में से एक पोलियो को जड़ से खत्म करने के लिए जिले में अंतर्राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत एसीएमओ डॉ आर के सिंह ने सदर अस्पताल में शिशुओं को पोलियो ड्रॉप पिलाकर की। इस दौरान जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि पोलियो एक गंभीर बीमारी है, जो किसी व्यक्ति के शरीर को लकवाग्रस्त कर देता है। चूंकि छोटे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है इसलिए उसे इस बीमारी से संक्रमित होने की सम्भावना अधिक होती है। इसे होने से पहले ही खत्म कर देने के लिए 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है। उन्होंने जिले के सभी परिजनों से अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन्हें पोलियो की दवा पिलाकर अभियान को सफल बनाने में जिला स्वास्थ्य विभाग को सहयोग करने की अपील की।

हर बच्चा पीये दवा इसलिए टीम है पूरी तरह तैयार :

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एसके विश्वकर्मा ने बताया पल्स पोलियो अभियान के तहत 19 सितंबर से 5 दिनों तक चलने वाले चक्र में जिले के 8,21,477 घरों को लक्षित किया गया है तथा 6,72,909 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य है।

अभियान की सफलता के लिए टीम का हुआ गठन:

अभियान के सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा
डोर टू डोर: 1954
ट्रांजिट टीम: 362
मोबाइल टीम: 116
सुपरवाइजर: 707
लक्षित घर: 8,21,477
लक्षित बच्चे: 7,72,709
का गठन किया गया है। प्रत्येक दल में एक आशा और एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं जो घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी। दवा पिलाने के बाद बच्चों के और उनके माता -पिता का नाम, गृह संख्या आदि फार्म में भर कर अपने केंद्र में जमा करवाएँगी।

लकवाग्रस्त बीमारी है पोलियो :

डीआईओ डॉ.विश्वकर्मा ने बताया कि पोलियो एक लकवाग्रस्त वायरस जनित रोग है। बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उसे पोलियो होने की सम्भावना ज्यादा है।यह बीमारी विशेष रूप से रीढ़ के हिस्सों व मस्तिष्क को ज्यादा नुकसान पहुँचाता है। इससे बचाव के लिए लोगों को अपने बच्चों को पोलियो की दवा जरूर पिलानी चाहिए। पोलियो ड्रॉप के साथ बच्चों को संपूर्ण टीकाकरण भी करवाना चाहिए जो 12 जानलेवा बीमारियों से बचाए रखता है।

अभियान के उद्घाटन पर एसीएमओ डॉ आर के सिंह, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ एसके विश्वकर्मा, डीसीएम नवीन दास, यूनिसेफ एस. एम. सी. प्रमोद कुमार झा, यूएनडीपी के अनिल कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे.