#MNN@24X7 जन सुराज पदयात्रा के दौरान सारण में एक आमसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि आज बिहार के लोग मजदूरी करने दूसरे राज्यों में जाते हैं। दूसरे राज्यों में आज बिहार के लोगों को पकड़ कर गाली देना मारना-पीटना आम बात हो गई है। हाल-फिलहाल में आपने तमिलनाडु में देखा भी होगा। दूसरे राज्यों के लोगों को लगता है कि हम बिहारी बेवकूफ़ हैं। बल्कि सच्चाई यह है कि हम बिहारी बेवकूफ़ नहीं हैं, यहां की लचर व्यवस्था ने हमें दूसरे राज्यों में गाली सुनने और मार खाने के लिए मजबूर कर दिया है।

डब्ल्यूएचओ और दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय के मेडिकल एजुकेशन यूनिट के संयुक्त तत्वाधान में पूरे दिन का वर्कशॉप 23 मार्च को दरभंगा मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में किया गया आयोजित।


उन्होंने कहा कि बिहार कभी देश की राजनीति का केंद्र बिंदु हुआ करता था। आज यहां के बच्चों को बाहर जाकर पढ़ाई और मजदूरी करना पड़ता है। आज की परिस्थितियों को हम तब सुधार पाएंगे जब हम सब मिलकर बिहार को बदलने के प्रयास में शामिल होंगे। संकल्प लीजिए बिहार की इस व्यवस्था को हम बदल के रहेंगे तभी जाकर बिहार बदलेगा।