9 फरवरी को किसान करेंगे प्रखंड मुख्यालय का घेराव- ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह।
किसान रजिस्ट्री योजना में वंशावली को शामिल हो-ललन दास।
राजस्व महाभियान के माध्यम से किसानों से लिए गये आवेदन का निष्पादन हो-किसान महासभा।
#MNN24X7 ताजपुर/समस्तीपुर, 21 जनवरी, सरकार द्वारा आनन-फानन में चलाया जा रहा फार्मर रजिस्ट्री में खाता नंबर की अनिवार्यता किसानों को किसान सम्मान निधि से बंचित करने की साज़िश है। इस किसान रजिस्ट्री से ही अब सरकार द्वारा प्रायोजित सभी योजनाओं मसलन डीजल अनुदान, खाद-बीज अनुदान, फसल क्षति मुआवजा, यांत्रिकीकरण सब्सिडी आदि इसी फार्मर रजिस्ट्री में अंकित रकवा के अनुसार दिया जाएगा और इससे किसान वंचित हो जाएंगे। यह किसानों के लिए घातक साबित होगा। उक्त बातें अखिल भारतीय किसान महासभा की मोतीपुर वार्ड 26 में आयोजित प्रखंड कमिटी की विस्तारित बैठक को संबोधित करते हुए महासभा के जिला सचिव ललन कुमार ने कहा।
बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने किया जबकि बैठक का संचालन ललन दास ने किया। मुंशीलाल राय, संजीव राय, राजदेव प्रसाद सिंह, कैलाश सिंह, मोती लाल सिंह, शंकर महतो, मकसुदन सिंह, अनील सिंह, संजय कुमार सिंह, ब्रह्मदेव सिंह, रंजीत कुमार सिंह, दिनेश प्रसाद सिंह, सुखदेव सिंह, रवींद्र प्रसाद सिंह, राज नारायण राय, सत्तो सहनी,आनंदलाल सहनी, अनील कुमार राय, धर्मेंद्र कुमार राय, मनीष कुमार राय, चंद्रशेखर शर्मा, रवींद्र शर्मा, लखन राय, संजीव कुमार, रंजीत कुमार आदि किसानों ने बैठक में अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि अब समस्या यह है कि अधिकांश किसानों को एक से अधिक जमाबंदी है। एक-दो को छोड़कर सभी आनलाईन जमाबंदी पर खाता-खेसरा शून्य अंकित है। यह उनके पिताजी या दादाजी के नाम से दर्ज है। इसलिए सरकार सबसे पहले राजस्व महाभियान के जरिए लिए गए आवेदनों का यथाशीघ्र आनलाईन सुधार करे, पोर्टल पर एक से अधिक जमाबंदी दर्ज कराने की व्यवस्था करें अन्यथा यह योजना भी आधा अधूरा ही रहेगा और खामियाजा किसानों को भुगताना पड़ेगा। यह योजना किसानों के लिए अभिशाप साबित होगा। उन्होंने तत्काल किसान रजिस्ट्री में वंशावली, एलपीसी आदि को शामिल करने की मांग की है।
बतौर अतिथि भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि इस योजना में बटाईदार किसानों के लिए भी कोई प्रावधान नहीं है जबकी आजक बटाईदारी खेती का प्रचलन बढ़ा है। उन्होंने किसान रजिस्ट्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि किसान रजिस्ट्री किसानों को कृषि हितैषी योजनाओं से वंचित करने की केंद्र की मोदी सरकार की साज़िश है। उन्होंने इसके खिलाफ किसानों से संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
बैठक में महासभा के सदस्यता अभियान में गति लाने, पंचायत एवं प्रखंड सम्मेलन करने, 9 फरवरी को प्रखंड मुख्यालय का घेराव करने, 23 फरवरी को विधानसभा का घेराव करने समेत अन्य संगठनात्मक एवं आंदोलनात्मक निर्णय लिया गया।
