#MNN24X7 दरभंगा कृषि विज्ञान केंद्र जाले दरभंगा के वरीय वैज्ञानिक सह अध्यक्ष डॉ दिव्यांशु शेखर की अध्यक्षता में आज किसानों के बीच उन्नत सरसों की किस्म राजेंद्र सफलाम-1 के प्रचार-प्रसार हेतु प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन बहादुरपुर प्रखंड के योगियारा गांव में किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उन्नत तकनीक (सरसों के वैज्ञानिक खेती के पैकेज ऑफ प्रैक्टिस) के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम में फसल की कटाई का आयोजन भी किया गया जिससे कि किसान बन्धु इसके उपज के मूल्यांकन को प्रत्यक्ष रूप से देख सकें। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि राजेंद्र सफलाम-1 सरसों की एक उन्नत एवं उच्च उत्पादन क्षमता वाली किस्म है, जो कम समय में पकने के साथ-साथ रोग एवं कीटों के प्रति सहनशील होती है।

योगिआरा गांव के प्रगतिशील किसान श्री विजय कुमार झा एवं अनिल कुमार झा ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र जाले द्वारा तिलहन समूह अग्रिम पंक्ति प्रत्यक्षण के अंतर्गत सरसों के पैकेज ऑफ प्रैक्टिस जैसे कि खेत में सल्फर, बोरोन का बेसल डोज का प्रयोग, उपचारित बीज एवं पंक्तिबद्ध तरीके से बुआई कर के खेती करने के फायदों के बारे में बतलाया। साथ ही बतलाया कि इसकी औसत उपज अन्य पारंपरिक किस्मों की तुलना में अधिक हुई है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि संभव है।

कृषि विज्ञान केंद्र जाले के समूह अग्रिम पंक्ति प्रत्यक्षण के नोडल पदाधिकारी ई. निधि कुमारी ने बतलाया कि किसानों को बीज उपचार, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, समय पर बुआई एवं खरपतवार नियंत्रण करने से सरसों की खेती में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार विश्वकर्मा ने बतलाया कि सरसों में लाही का प्रकोप होने से इमोडाक्लोरपिड दवा का छिड़काव काफी असरदार होता है।

इस अवसर पर केवीके के लैब तकनीशियन शशिमाला कुमारी ने बतलाया कि खेत में मृदा परिक्षण कर उर्वरक एवं सूक्ष्म पोषक तत्व के प्रयोग से फसल बढ़िया होता है साथ ही खेत की उर्वरकता भी बढ़िया होती है। साथ ही, यह भी बताया गया कि इस किस्म की खेती से कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

इस अवसर पर उपस्थित किसानों ने खेत पर खड़ी फसल का अवलोकन किया तथा इसकी गुणवत्ता एवं उत्पादन क्षमता की सराहना की। कई किसानों ने आगामी सीजन में इस किस्म को अपनाने की इच्छा जताई।

कार्यक्रम में कृषि विभाग के पदाधिकारी, डिप्टी पी डी आत्मा दरभंगा कमलेश कुमार सिंह, सहायक निदेशक बीज, अनिल कुमार विश्वकर्मा, सहायक तकनीकी प्रबंधक, संजीव कुमार झा, अन्य प्रगतिशील किसान आशुतोष, कृष्ण भगवान झा, केवीके अमन कुमार एवं अन्य प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

अंत में किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का सुझाव दिया गया। कार्यक्रम में 104 लोगों ने हिस्सा लिया।