#MNN24X7 दरभंगा दिनांक 14 अप्रैल को इग्नू क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2013 के क्रियान्वयन के अंतर्गत “नीति निर्माण और विधायिकाओं में महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व के लिए संरचनात्मक और संस्थागत बाधाएं” विषय पर विद्यार्थी परिचर्चा का आयोजन डॉ. जाकिर हुसैन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, लहरियासराय, दरभंगा पर किया गया।
इस परिचर्चा में इग्नू एवं डॉ जाकिर हुसैन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, दरभंगा के 18 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के संबंध में सभी प्रतिभागियों ने अपनी अपनी बातें रखी। उन्होंने नारी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि जब तक महिलाएं किसी भी कार्य को करने में खुद निर्णय नहीं लेंगी या लीडरशिप की भूमिका में नहीं होगी तब तक नारी सशक्तिकरण सफल नहीं होगा। इसके लिए उन्हें प्राथमिकता के तौर पर देखना होगा। महिलाओं को शिक्षा, जागरूकता एवं समान अवसर देना होगा।
आगे उन्होंने कहा कि महिलाओं की संख्या को देखते हुए संसद एवं विधायिकाओं में उनकी भागीदारी अभी भी बहुत कम है जो एक गंभीर समस्या बनी हुई है। अवसर मिलने पर महिलाएं भी उत्कृष्ट कार्य कर सकती हैं। सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान एवं सर्वांगीण विकास के लिए चलाई गई योजना उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है। किसी भी क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही राष्ट्र एवं समाज का समग्र विकास संभव है। मजबूत एवं संतुलित लोकतंत्र के निर्माण के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। उन्हें केवल घर तक ही सीमित रखा जाता है, इस बात को लेकर कहा कि जब तक महिलाओं के प्रति लोगों का नजरिया एवं सामाजिक सोच नहीं बदलेगा तब तक वह आगे नहीं बढ़ सकतीं। महिलाओं का सभी क्षेत्रों में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। राजनीति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को लेकर भी बातें की गईं। यदि महिलाओं को सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ना है तो उन्हें जागरूक करना बहुत जरूरी है। अंत में यह कहा गया कि जब तक महिलाएं शिक्षित एवं आत्मनिर्भर नहीं बनेगी तब तक महिला सशक्तिकरण की बात करना निरर्थक होगा।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. जाकिर हुसैन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, दरभंगा के असिस्टेंट प्रोफेसर मुसर्रत फैजी ने अपने संबोधन में कहा कि नीति निर्माण में संसद एवं विधायिकाओं में महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व का कारण संरचनात्मक तथा संस्थागत बाधाएं हैं । आगे उन्होंने कहा कि जब तक महिलाएं दबी कुचली रहेंगी तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। महिलाएं परिवार एवं बच्चों के उत्थान के लिए अच्छा काम करती हैं। उनके प्रति भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए तथा उन्हें भी समान अवसर प्रदान किया जाना चाहिए। महिलाओं को असुरक्षा एवं हिंसा की भावना से देखा जाता है जो एक बड़ी समस्या है। महिला एवं पुरुष दोनों को कानून के समक्ष समान अवसर प्रदान किया जाना चाहिए। महिलाओं के लिए सरकार द्वारा जो भी योजनाएं चलाई गई हैं उनको सही ढंग से लागू एवं पालन करना सुनिश्चित करना होगा।
इग्नू क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा के क्षेत्रीय निदेशक डॉ संतन कुमार राम ने अपने संबोधन में महिलाओं के आरक्षण को लेकर विस्तार से अपनी बातें रखीं। उन्होंने बिहार में पंचायती राज में महिलाओं को 50% एवं नौकरियों में 33% आरक्षण को लेकर उल्लेख किया।
इग्नू अध्ययन केंद्र डॉ. जाकिर हुसैन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, दरभंगा के समन्वयक श्री इर्तजा अहमद द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यक्रम में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा के अधिकारी एवं कर्मचारी के साथ-साथ इग्नू अध्ययन केंद्र डॉ जाकिर हुसैन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, दरभंगा के कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
