#MNN24X7 दरभंगा। नव जन चेतना मंच, बलभद्रपुर नवटोल, वार्ड-45, लहेरियासराय के तत्वावधान में रविवार, 30 अगस्त 2026 की संध्या श्रीराम-जानकी मंदिर परिसर में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता प्रसिद्ध गजलकार डा. नरेंद्र ने की। हिंदी एवं मैथिली भाषा में प्रस्तुत गीत, गजल और कविताओं ने देर शाम तक श्रोताओं को भाव-विभोर किए रखा।

अध्यक्षीय संबोधन के दौरान डा. नरेंद्र ने अपनी गजल के माध्यम से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों को स्वर दिया।अध्यक्षता करते हुए प्रसिद्ध गजलकार डा नरेन्द्र ने अपनी गजल के माध्यम से अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रकाश डाला–
समय पर आंख अपनी खोल लेंगे
परिंदे पर हवा में तोल लेंगे।
लगी हो लाख पाबंदी जुबां पर
इन्हें जो बोलना है बोल लेंगे।
वहीं डा. अमर कांत कुमार ने “तपते दिन हैं, आवारा मन, छांव तलाश रहा, जहां गुदगुदी माटी, गाछी गांव तलाश रहा” गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
श्याम भास्कर ने “बहुत दिनों के बाद फिर से उठ रही आवाज, बहुत दिनों बाद फिर से हिल गया है ताज” कविता के माध्यम से वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य की ओर ध्यान आकृष्ट किया। शिशिर कर्ण ने “रेत पर लिखना नहीं, लिखना बराबर, आपसे कहना नहीं, कहना बराबर” गजल प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे संजय कुमार ने अपनी गजल के माध्यम से वर्तमान व्यवस्था पर कटाक्ष किया–
जिन आंखों पे लाखों आंखें संसद में वो सोई आंखें
आया चुनाव देखो संजय
लाज शरम की धोई आंखें।
डा. सत्येंद्र कुमार झा ने “यदि हंसे तो फिर वही चिरपरिचित जुमला, और रोये तो नया हादसा” जैसी पंक्तियों के जरिए वर्तमान हालात को रेखांकित किया। चंद्रेश की रचना युवाओं को समर्पित रही, जिसमें उन्होंने देश के भविष्य को लेकर सजग रहने का संदेश दिया—सावधान देश के भविष्य मत पूछो मुझे सवाल अंतरात्मा की आवाज, दागती गोली बेमिसाल।।
बंदना चौधरी ने मैथिली रचना के माध्यम से नारी की पीड़ा और अधिकारों के सवाल को प्रमुखता से उठाया। वहीं नीतू कुमारी ने “नेहोरा करहलहुं हम आइ नेहोरा, सुनियो कृपा निधान यौ, सीता मैया संगे अवियौ अपने हमर गाम यौ” गीत का सस्वर पाठ कर आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक भावों से वातावरण को सराबोर कर दिया।

डा. राज किशोर झा, संयोजक, ने “तुम सूरज को चांद कहो, हम चांद को चांद कहेंगे, तुम दिन को कहो रात, हम रात को रात कहेंगे”गीत के माध्यम से परिस्थितियों के बीच सत्य और सकारात्मक सोच का आह्वान किया। उमेश कुमार झा ने भी अपनी कविता का पाठ किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में संयोजक डा. राज किशोर झा ने स्वागत भाषण दिया, जबकि संचालन संजय कुमार ने किया। अंत में वार्ड पार्षद देवकृष्ण झा (कोमल जी) ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर आशुतोष कुमार झा, चंद्रशेखर झा, मदन मोहन झा, सीताराम झा, अभय कुमार महतो, राम किशोर झा, मृत्युंजय झा, संजीत कुमार झा, राज कमल, अमित, राम, शंभू, शानू, रमेशचंद्र झा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं मातृशक्ति उपस्थित रहीं। श्रोताओं ने देर शाम तक हिंदी और मैथिली में प्रस्तुत गीत, गजल एवं कविताओं का आनंद लिया।
