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-1757 सत्र स्थलों पर किया जायेगा प्रतिरक्षित
-दो वर्ष से कम तथा गर्भवती महिलाओं को लगेगा टीका
-नियमित टीकाकरण को बढ़ावा देना अभियान का उद्देश्य

#MNN@24X7 मधुबनी/ 27 नवंबर। मधुबनी जिले में 5 वर्ष से नीचे के सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के लिए सोमवार को तीसरे चक्र के  सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान की शुरुआत डीडीसी विशाल राज ने सदर अस्पताल से बच्चों को दवा पिलाकर की। उन्होंने बताया अभियान 1757 सत्र स्थलों पर चलाया जाएगा। जिसमें 0 से 2 वर्ष तक के 12,778 बच्चे, 2 से 5 वर्ष के 2579 बच्चे, कुल 15,375 बच्चों, एमआर- 1( मीजल्स रूबेला ) के बच्चे 2832 तथा एमआर- 2 के 2260 यानि कुल 5092  बच्चों को प्रतिरक्षित किया जाएगा। वहीं अभियान के दौरान 2747 गर्भवती महिलाओं, को भी प्रतिरक्षित किया जाएगा। 

अभियान के तहत जिला के सभी प्रखंडों में चयनित सत्र स्थलों पर गर्भवती महिलाओं एवं 2 वर्ष तक के बच्चों का विभिन्न जानलेवा बीमारियों से बचाव को ले टीकाकरण किया जायेगा। 90 प्रतिशत आच्छादन की प्राप्ति को लेकर इस अभियान में शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों को बीसीजी, ओपीवी, पेंटावेलेंट, रोटा वैक्सीन, आईपीवी, मिजल्स, विटामिन ए, डीपीटी बूस्टर डोज, मिजल्स बूस्टर डोज और बूस्टर ओपीवी के टीके लगाए जाएंगे। इसके अलावा अभियान में गर्भवती को टेटनेस-डिप्थेरिया (टीडी) का टीका भी लगाया जाएगा। कोई भी शिशु छूटे नहीं इसकी योजना बनाने का निर्देश दिया गया है।

पंचायत स्तर पर टीकाकरण समिति बनाने तथा पूर्व की रणनीति पर कार्य किया जाएगा। उन स्थलों की प्राथमिकता दी जाएगी जिन गांव तथा टोला में नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं हुआ हो। कम आच्छादन वाले नियमित टीकाकरण सत्र तथा ऐसा टीकाकरण सत्र जहां विगत 6 माह में 2 या 2 बार से अधिक टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं किया गया हो। साथ ही ऐसा टीकाकरण सत्र जहां विगत एक वर्ष के अंदर काली खांसी, गलघोटू, खसरे का केस या आउटब्रेक पाया गया हो। इसके अतिरिक्त ईट भट्ठा, दियारा क्षेत्र ,मलिन बस्ती  इत्यादि जहां पर स्वतंत्र रूप से टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं होता हो उन्हें प्राथमिकता सूची में अवश्य कवर करना सुनिश्चित करें।

मिशन इंद्रधनुष 12 बीमारियों से बचाने में सहायक:

सिविल सर्जन डॉ नरेश कुमार भीमसारिया ने बताया कि मिशन इंद्रधनुष से बच्चों में होने वाली 12 प्रमुख बीमारियों तपेदिक, पोलियोमाइलाइटिस, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस और खसरा का खतरा कम होगा। बताया कि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि टीकों की संख्या 12 होती है। इसमें खसरा रूबेला, रोटावायरस, हिमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप-बी और पोलियो के खिलाफ टीकों को शामिल करने के बाद इन टीकों की संख्या 12 हो गई है।

नियमित टीकाकरण को बढ़ावा देना अभियान का उद्देश्य:

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकरी डॉ. एस. के.विश्वकर्मा  ने बताया कि नियमित टीकाकरण की प्रक्रिया में सुधार के लिये विशेष प्रयास की जरूरत है। मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम नियमित टीकाकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काफी महत्वपूर्ण है। इंद्रधनुष अभियान के तहत तीन राउंड में साप्ताहिक नियमित टीकाकरण का जिलेभर में आयोजन होगा। पहला राउंड 11 से 16 सितंबर तक किया गया ।  दूसरा  09 से 14 अक्टूबर तक एवं तीसरे  राउंड का 27 नवंबर से 02 दिसंबर तक आयोजन होगा। प्रत्येक राउंड में पूरे सप्ताह नियमित टीकाकरण का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं । ताकि सामुदायिक स्तर पर अधिकाधिक लोग लाभांवित हो सकें और अभियान का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।

मौके पर  सिविल सर्जन डॉ नरेश कुमार भीमसारिया, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ एस के विश्वकर्मा, अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद,यूनिसेफ एसएमसी प्रमोद कुमार झा, यूएनडीपी के अनिल कुमार सहित कर्मी उपस्थित थे।