लहेरियासराय थाना में देर रात तक चली अनुसंधान समीक्षा बैठक
#MNN24X7 दरभंगा। जिले में लंबित कांडों के निष्पादन और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार की देर रात करीब 11 बजे तक उन्होंने लहेरियासराय थाना में सभी अनुसंधानकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में लंबित मामलों की प्रगति, वारंट निष्पादन, अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा अनुसंधान की गुणवत्ता पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में थानाध्यक्ष, पर्यवेक्षी पदाधिकारी सहित थाना के अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। एसएसपी ने एक-एक कांड की समीक्षा करते हुए अनुसंधान में तेजी लाने और लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अनुसंधान गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, ताकि न्यायालय में मामलों की मजबूत प्रस्तुति हो सके।
समीक्षा के दौरान माननीय न्यायालय से जारी वारंट, इश्तेहार एवं कुर्की की कार्रवाई में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया। एसएसपी ने निर्देश दिया कि वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जाए, ताकि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
बैठक के दौरान थाना में संधारित विभिन्न पंजियों का भी गहन निरीक्षण किया गया। इनमें जमानतीय पंजी, अजमानतीय पंजी, कांड दैनिकी पंजी, आगंतुक पंजी, पासपोर्ट पंजी, आरटीआई पंजी, महिला हेल्प डेस्क, लोक शिकायत पंजी, केस डायरी तथा वारंट, इश्तेहार और कुर्की पंजियां शामिल थीं। निरीक्षण के दौरान सभी पंजियों को अद्यतन रखने का सख्त निर्देश दिया गया।
एसएसपी ने अनुसंधानकर्ताओं को केस डायरी नियमित रूप से अपडेट करने तथा साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही थाना क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया। अपराध नियंत्रण को लेकर क्षेत्र में सघन गश्ती बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में विशेष रूप से 90 दिनों से अधिक समय से लंबित कांडों की समीक्षा की गई। एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे मामलों का अनुसंधान प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
बैठक के बाद पुलिस महकमे में यह संदेश गया कि अब लंबित कांडों और फरार अभियुक्तों के खिलाफ और अधिक सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

नीरजा कुमार राय की रिपोर्ट