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अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

#MNWहायाघाट (दरभंगा), 1 जून। पतोर थाना क्षेत्र के पतोर गांव में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई(एम)] के स्थानीय नेता मनोज मिश्रा के पुत्र मिंटू कुमार मिश्रा पर हुए चाकू हमले की घटना की जांच के लिए सोमवार को पार्टी की चार सदस्यीय टीम गांव पहुंची। टीम ने पीड़ित और उसके परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली तथा दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।

जांच दल में सीपीआई(एम) के राज्य सचिव मंडल सदस्य श्याम भारती, बहादुरपुर लोकल कमेटी के सचिव गणेश महतो, हायाघाट लोकल कमेटी के सचिव शोएब राजा सबन तथा पार्टी नेता वीरेंद्र पासवान शामिल थे।

पीड़ित मिंटू कुमार मिश्रा ने जांच टीम को बताया कि 28 मई की रात करीब आठ बजे वह अपने घर के समीप स्थित दुर्गा मंदिर के चबूतरे पर लेटा हुआ था। इसी दौरान माधव राय ने उसे फोन कर उसके स्थान की जानकारी ली। कुछ देर बाद वह कथित रूप से शराब के नशे में वहां पहुंचा और बिना किसी कारण उस पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों की सहायता से उसे इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया गया।

पीड़ित ने बताया कि उसके बयान पर पतोर थाना में कांड संख्या 75/26 दर्ज किया गया है, लेकिन घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

घटना की निंदा करते हुए जांच टीम ने कहा कि पुलिस की निष्क्रियता से अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है। टीम ने प्रशासन से अविलंब आरोपितों की गिरफ्तारी तथा क्षेत्र में बढ़ते अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की।

इस अवसर पर श्याम भारती ने कहा कि राज्य में हत्या, लूट और बलात्कार जैसी घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो सीपीआई(एम) सड़क पर उतरकर प्रतिवाद मार्च एवं आंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगी।

जांच के दौरान पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने पतोर थाना पहुंचकर थानाध्यक्ष से मुलाकात की और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। थानाध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले की जांच जारी है तथा विधि-सम्मत कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा।

पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि 10 जून तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो 12 जून को गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रतिवाद मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उच्च पुलिस अधिकारियों के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।यह संस्करण स्थानीय समाचार पत्रों की रिपोर्टिंग शैली के अनुरूप तैयार किया गया है।