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विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा आयोजित संगठित लूट,भ्रष्टाचार,मनमानी,शैक्षणिक अराजकता सहित फर्जी कुलपति को पद मुक्त करने की मांग को लेकर दीक्षांत समारोह में आए कुलाधिपति के समझ छात्रों ने किया आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन।

संयुक्त छात्र मोर्चा के नेताओं ने किया प्रदर्शन दी गिरफ्तारी।

राष्ट्रगान के दौरान छात्रों ने दिया अनुशासन का परिचय सावधान मुद्रा में खड़ा हो सामूहिक रूप से गाया राष्ट्रगान।

एसडीओ के माध्यम से सौंपा मांग पत्र, अभिलंब छात्रों को वार्ता के लिए समय देने की की मांग।

#MNN24X7 दरभंगा,21 नवंबर, पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार आज संयुक्त छात्र मोर्चा से जुड़े छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया।प्रदर्शन में आइसा, आरवाईए, एनएसयूआई, ऐसा, फिर, छात्र राजद, सहित स्वतंत्र रूप से आंदोलनरत छात्र नेता शामिल रहे।

प्रदर्शन जुलूस मिर्जापुर चौक से एनएसयूआई के विश्वविद्यालय अध्यक्ष मोहम्मद नसरुल्ला, आइसा नेता प्रिंस राज,आरवाईए राज्य सह सचिव ओणम सिंह,दीपक झा,प्रियंका झा,कुणाल पांडे,aisf नेता अखिलेश,sfi विश्वविद्यालय संयोजक हरिशंकर,छात्र राजद के राज्य महासचिव नागमणि के नेतृत्व में मार्च करते हुए आयकर चौक विश्वविद्यालय थाना होते हुए विश्वविद्यालय मुख्यालय के तरफ बढ़ा जहां पुलिस प्रशासन ने छात्रों को रोकने की कोशिश की और धक्का मुक्की के उपरांत छात्र वही बैठ नारा लगाना शुरू कर दिए।

इसी बीच दीक्षांत समारोह में शुरू राष्ट्रगान को सुनते ही आंदोलनकारी खड़े होकर सामूहिक राष्ट्रगान गाकर अनुशासित होने का परिचय दिया।

छात्र बार बार कुलाधिपति से वार्ता कराने के लिए आगे बढ़ रहे थे एसडीओ और डीएसपी से वार्ता के बाद छात्र शांत हुए और सभा किए।लेकिन एसडीओ और डीएसपी के द्वारा दोबारा छात्र से मिलने नहीं आने से छात्र आक्रोशित हुए है आगे बढ़े जहां प्रशासन ने छात्रों को गिरफ्तार कर लिया और थाना ले आई।थानाध्यक्ष ने एसडीओ के माध्यम से मांग पत्र कुलाधिपति तक पहुंचाने के लिए आवेदन प्राप्त किए।

सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय आज सबसे अराजक दौर से गुजर रहा है जहां प्रशासन सिर्फ वही कार्य को कर रही है जिसमें इनको कमीशन प्राप्त होता है।लंबें समय के बात आयोजित दीक्षांत समारोह में सिर्फ एक सत्र के छात्रों को शामिल किया गया और उनसे भी मोटी रकम वसूली गई बदले में निहायती सस्ता सामग्री दिया गया।जो बतलाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन का नियत और नीति कितनी गलत है।नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय में 5-6 साल के असिस्टेंट प्रोफेसर को अधिकारी बनाना हो,गलत तरीके से ट्रांसफर पोस्टिंग हो,गलत तरीके से प्रभारी प्रधानाचार्य बनाने का सवाल हो सब के सब आज सवाल के घेरे में है।आरोपित व्यक्ति से मोटी रकम लेकर उसपर कोई कार्रवाई नहीं करना कुलपति का फितरत है।कुलपति खुद गलत तरीके से कुलपति बने हुए है जहां भी ये प्रिंसिपल रहे है वहां इनका वित्तीय अनियमितता की वजह से इनका वित्तीय पावर आज तक सीज है प्रोफेसर बनने वाला नोटिफिकेशन भी रद्द है बाबजूद ये कुलपति बन विश्वविद्यालय को लूट रहे है।नेताओं ने कहा कि विज्ञान संकायाध्यक को बिना नियम के सी एम लॉ कॉलेज का प्रभारी प्रधानाचार्य बनाए हुए है।नेताओं ने मांग की कि इनके कार्यालय में हुए ट्रांसफर पोस्टिंग,नियुक्त किए गए प्रभारी प्रधानाचार्य के कार्यालय का भौतिक सत्यापन और ऑडिट कराया जाय तब इनके भ्रष्टाचार का पोल पूरी तरह से खुल जाएगा।नेताओं ने कहा कि सम्बद्ध महाविद्यालय को बर्बाद करने के लिए एक एक भाजपा के विधान परिषद सदस्य और संकायाध्यक विज्ञान को कई कॉलेज की जिम्मेदारी दे दिए है जहां गलत तरीके से ये लोग शिक्षाविद की न्युक्ति और अन्य कार्य कर रहे है।छात्रों का सवाल पर कोई निगाह नहीं है प्रशासन का ये सबलोग मिल कर विश्वविद्यालय में लूट मचाए हुए है।

प्रदर्शन में आरवाईए के राज्य उपाध्यक्ष संदीप कुमार चौधरी,सुनील कुमार,कमरे आलम,मयंक यादव,विभूति झा,विवेक कुमार,नीतीश राणा,सोनू,अभिषेक,अभिनव अंशु (प्रदेश उपाध्यक्ष NSUI),दिलखुश कुमार (जिलाध्यक्ष NSUI दरभंगा),राजन कुमार वर्मा (जिलाध्यक्ष NSUI समस्तीपुर),अलोक झा (जिलाध्यक्ष NSUI मधुबनी),विवेक विराट ( जिला उपाध्यक्ष NSUI समस्तीपुर),गौरव चौहान (जिला उपाध्यक्ष NSUI समस्तीपुर),मोहम्मद अफसार ( नगर अध्यक्ष NSUI दरभंगा ),एहसान खान (कॉलेज प्रभारी),मोहम्मद जावेद,साजिद खान,मोहम्मद सरफराज सहित सैकड़ों छात्र शामिल थे।