सरकारी एवं निजी विद्यालयों में हो एनसीईआरटी बुक से पढ़ाई- सुरेंद्र प्रसाद सिंह।
जब देश में एक शिक्षा नीति हो सकती है तो सरकारी एवं निजी विद्यालयों में एक समान किताब क्यों नहीं हो सकता- रामबली सिंह।
#MNN24X7 समस्तीपुर, 5 अप्रैल निजी विद्यालयों द्वारा किताब, कॉपी, यूनिफॉर्म, टाई, बेल्ट, डायरी, टेस्ट, एडमिशन, री-एडमिशन आदि में कमीशनखोरी के विरोध में नागरिक समाज के बैनर तले रविवार को शहर में विरोध मार्च निकाला गया तथा सभा का आयोजन किया गया।
स्कूल द्वारा छात्र-अविभावकों के शोषण-लूट के खिलाफ रविवार को नागरिक समाज से जुड़े नागरिकों ने शहर के स्टेडियम गोलंबर के पास इकट्ठा होकर अपने-अपने हाथों में बैनर मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर विरोध मार्च निकाला। नारे लगाकर विरोध मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए समाहरणालय पर पहुंचा जोरदार नारेबाजी के बाद मार्च सभा में बदल गया। सभा की अध्यक्षता नागरिक समाज के संयोजक सेवानिवृत्त सैनिक रामबली सिंह ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए समाजसेवी सह मानवाधिकार कार्यकर्ता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि निजी स्कूल प्रबंधन छात्रों और अभिभावकों पर अनावश्यक दबाव बनाकर या तो स्कूल से किताब, कापी, यूनिफॉर्म, टाई, बेल्ट, डायरी देते हैं या फिर बाजार में निर्धारित दुकान से ही खरीदने को मजबूर करते हैं जिससे छात्र- अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। वहीं विद्यालय टेस्ट, एडमिशन, री-एडमिशन, प्रमोशन के नाम पर मोटी रकम अविभावक से वसूलती है। उन्होंने कहा कि जब देश में एक शिक्षा नीति हो सकती है तो सरकारी एवं निजी विद्यालयों में एक समान किताब क्यों नहीं हो सकता है।
सभा को संबोधित करते हुए राजद नेता राकेश ठाकुर ने कहा कि शिक्षा के नाम पर इस तरह की वसूली पूरी तरह गलत है और इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए। समाजसेवी सह अधिवक्ता संजय कुमार बबलू ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे स्कूलों की जांच कर कारवाई की जाए ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस पर शीघ्र रोक नहीं लगी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में रामबली सिंह ने छात्र, अभिभावक और आमजन से इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।
मौके पर जयलाल राय, राम विनोद पासवान, मो० अकबर अली, एसके निराला, अमित जायसवाल, अमित कुमार, अर्जुन राय, मनोज कुमार सिंह, मनोज शर्मा, मो० सगीर, राजू कुमार, लोकेश राज, जीतेंद्र कुमार आदि गणमान्य सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
