#MNN24X7 समस्तीपुर, 13 अप्रैल
डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के बैनर तले शहर में भव्य मशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस सरकारी बस स्टैंड से शुरू होकर पटेल मैदान गोलंबर, समाहरणालय, डाकघर होते हुए अनुमंडल कार्यालय स्थित आंबेडकर प्रतिमा तक पहुंचा।
मशाल जुलूस के दौरान युवाओं ने संविधान की रक्षा और बाबा साहब के सपनों को साकार करने का संकल्प लिया। “बाबा तेरे सपनों को, मंजिल तक पहुंचाएंगे”, “भारतीय संविधान जिंदाबाद”, “बाबा साहब अमर रहें” जैसे गगनभेदी नारों से पूरा शहर गूंज उठा। कार्यक्रम को संविधान पर हो रहे कथित हमलों के खिलाफ युवाओं की ललकार के रूप में देखा गया।
जुलूस के समापन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए के जिला सचिव रौशन कुमार ने कहा कि आंबेडकर जयंती केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके विचारों और संघर्षों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए युवाओं को आगे आना होगा।
वहीं, आरवाईए जिला प्रभारी सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि संविधान के मूल मूल्यों—पंथनिरपेक्षता और समाजवाद—की रक्षा के लिए संघर्ष जरूरी है। उन्होंने इसे विचारों की लड़ाई बताते हुए जनसंघर्ष को सबसे बड़ा हथियार बताया।
नगर सचिव कुंदन कुमार ने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट रहें। आइसा के जिला उपाध्यक्ष दीपक यदुवंशी ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान केवल कानून की किताब नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और परिवर्तन का दस्तावेज है।
कार्यक्रम में आरवाईए के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें नवीन कुमार, राम सिंह, सौरव सतनाम, कुंदन कुशवाहा, आयुष कुमार, मंटू कुमार, पप्पू कुमार, दीनबंधु प्रसाद, जितेंद्र कुमार, मनोज कुमार सिंह और मो. सगिर सहित दर्जनों युवा शामिल हुए।
