#MNN24X7 दरभंगा इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, दरभंगा द्वारा दिनांक 20/04/ 2026 को डॉ भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती के अवसर पर “डॉ भीमराव अंबेडकर का जीवन एवं उनका योगदान” विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा की क्षेत्रीय निदेशिका डॉ शालिनी द्वारा अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन पाग एवं चादर भेंट कर किया गया।
क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा के क्षेत्रीय निदेशक डॉ संतन कुमार राम ने अपने संबोधन में डॉ भीमराव अंबेडकर का जन्म एवं उनकी शिक्षा के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रोफेसर मुनेश्वर यादव, राजनीति शास्त्र विभाग, एच ओ डी, एल एन एम यू, दरभंगा ने अपने संबोधन में कहा कि अंबेडकर जी को हमारी जरूरत नहीं है, बल्कि पूरी मानवता को अंबेडकर जी के विचारों की जरूरत है। दिन-ब-दिन अंबेडकरवादियों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने क्रिस्टाफ जाफर की विचारधाराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर जी कार्ल मार्क्स का वैचारिक तौर पर विरोध करते थे। वे विकास के चार स्टेज के बारे में भी बताये।
उन्होंने कहा कि अंबेडकर जी कहते थे कि समाज का एकीकरण तभी होगा जब स्वतंत्रता, समानता, भाईचारा एवं न्याय का सामंजस्य स्थापित होगा। भारत में जातिवाद संकट की पहली पहली धूरी है। समाज एवं राष्ट्र की प्रगति में जाति विभेद बहुत बड़ा बाधक बनकर खड़ा है। यदि जाती व्यक्ति के विकास में बाधक है तो समाज की प्रगति या समाज का विकास संभव नहीं है और न ही विकसित राष्ट्र का सपना सुनिश्चित कर सकता है।
उन्होंने समाज या राष्ट्र के विकास के लिए जाति, वर्ग, लिंग, भाषा, धर्म एवं संप्रदायिकता को पूर्ण रूप से बाधक बताया। आगे उन्होंने भीमराव अंबेडकर जी की वर्ण व्यवस्था, जाति प्रथा एवं छुआछूत के प्रति उनकी सोच को रेखांकित किया एवं एवं अंबेडकर जी के द्वारा कहे गए मंत्र शिक्षित बनो, संगठित रहो तथा संघर्ष करो का भी उल्लेख किया। उन्होंने अंबेडकर जी के विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदुस्तान गैर बराबरी का अड्डा है एवं अंधविश्वास का कुआं है जिससे अंबेडकर जी निकालने की बात करते थे।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईश्वरीय सत्ता को समाप्त करके यदि आप पुनर्जागरण की बात करेंगे तभी आप राष्ट्र का सर्वांगीण विकास कर सकते हैं। अंत में उन्होंने अंबेडकर जी के द्वारा बताए गए सामाजिक न्याय का उल्लेख करते हुए
अपनी वाणी को विराम दिया।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन इग्नू क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा के निजी सचिव श्री राजीव रंजन ने प्रस्तुत किया।
इस परिचर्चा में क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, इग्नू अध्ययन केंद्र के कर्मी तथा इग्नू के शिक्षार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
