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कुलाधिपति के अनुमोदन बाद बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में लागू होगा समिति द्वारा निर्मित पाठ्यक्रम।

#MNN24X7 दरभंगा, राजभवन एवं शिक्षा विभाग से प्राप्त निर्देश के आलोक में संपूर्ण बिहार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत वर्ष 2023-27 सत्र से लागू 4 वर्षीय सीबीसी पाठ्यक्रम के ‘योग्यता संवर्धन पाठ्यक्रम’ (एइसी-4) के अंतर्गत चतुर्थ सेमेस्टर हेतु राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) पत्र के लिए एक सार्वभौमिक पाठ्यक्रम बनाने के उद्देश्य से गठित कमेटी के सदस्य के रूप में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के एनएसएस समन्वयक डॉ आर एन चौरसिया ने एनएसएस क्षेत्रीय निदेशालय, पटना में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के निदेशक महमूद आलम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भाग लिया।

पाठ्यक्रम निर्धारित समिति के संयोजक के रूप में एनएसएस के क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार तथा सदस्य के रूप में पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, मिथिला विश्वविद्यालय, तिलकामांझी विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय तथा वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयकों ने भाग लिया। उक्त समिति द्वारा 13 अक्टूबर को निर्मित उक्त एनएसएस-पाठ्यक्रम कुलाधिपति के अनुमोदन के बाद बिहार के सभी विश्वविद्यालय में लागू होगा।

इस अवसर पर डॉ चौरसिया ने नव स्थानांतरित क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार का मिथिला पेंटिंग्स युक्त पाग एवं चादर से सम्मानित किया। डॉ चौरसिया ने बताया कि उक्त पाठ्यक्रम से एनएसएस छात्रों को सामाजिक बदलाव के एजेंट के रूप में स्थानीय से अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा और समाज से सीधे तौर पर जुड़ने का मौका देगा। एनएसएस से छात्र सरकारी, गैर सरकारी एवं समाज के बीच समन्वय स्थापित करना सिखाते हैं। सिलेबस में एनएसएस से जुड़े सभी पहलुओं को शामिल किया गया है। दो क्रेडिट एवं 100 अंकों के इस सिलेबस में 30 नंबर की आंतरिक परीक्षा तथा 70 नंबर के विश्वविद्यालय परीक्षा होगी।