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#MNN@24X7 दरभंगा, टटुआर पंचायत के बिशौल गांवमे स्थित बाबा सिद्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् देवीभागवत कथा का शुक्रवार को समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन कथावाचक पं जोगिन्दर मिश्र ने श्रीमद् देवी भागवत कथा का समापन करते हुए इससे जुड़ी कई कथाओं का भक्तों को श्रवण कराया।

कथा समापन के दौरान कथावाचक ने भक्तों को देवी भागवत को अपने जीवन में उतारने की बात कही, जिससे सभी लोग धर्म की ओर अग्रसर हों। कथा के अंतिम दिन उन्होंने सुदामा चरित्र के माध्यम से भक्तों के सामने दोस्ती की मिसाल पेश की और समाज में समानता का संदेश दिया। उन्होंने भक्तों को बताया कि श्रीमद् देवीभागवत कथा का सात या नौ दिनों तक श्रवण करने से जीव का उद्धार हो जाता है। वहीं इसे कराने वाले भी पुण्य के भागी बनते हैं।

उन्होंने कहा कि सच्चा मित्र वही है जो अपने मित्र को विपत्ति में साथ दें। उसे अपने से नीचा रखने की बजाय समकक्ष बनाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि मित्रता का आधार स्वार्थ नहीं, बल्कि सहयोग और समर्पण होना चाहिए। अंतिम दिन कथा का रसपान करने के लिए भक्तों का सैलाब कथा स्थल पर उमड़ पड़ा। वहीं कथा के समापन बाद श्रद्धालुओं ने अबीर गुलाल खेलकर भक्तिभाव प्रकट किया।